वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफ़ाइनल: मोरक्को ऐसे पड़ सकता है फ़्रांस पर भारी

फ़ीफ़ा सेमीफ़ाइनल

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इमेज कैप्शन, फ़्रांस के एमबापे (बाएं) मोरोक्को के खिलाड़ी असरफ़ हकीमी के साथ
    • Author, रॉब स्टीवन्स
    • पदनाम, बीबीसी स्पोर्ट, अफ़्रीका

मोरक्को फ़ीफ़ा विश्व कप के फ़ाइनल तक पहुंचने से केवल एक कदम दूर है.

विश्व कप के सेमीफ़ाइनल तक पहुंचने वाली पहली अफ़्रीकी टीम मोरक्को ने क़तर विश्व कप में प्रशंसकों को पहले ही सरप्राइज़ कर दिया है. ख़ासतौर पर तब, जब टीम को टूर्नामेंट तक लाने वाले कोच को अगस्त में ही पद से हटा दिया गया था.

क़तर वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज के मैच में बेल्जियम पर 2-0 से मिली जीत मोरक्को के लिए 1998 के बाद फ़ीफ़ा विश्व कप की पहली जीत थी. मोरक्को लगातार चार बार तो टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई तक नहीं कर सकी थी.

मोरक्को की मौजूदा टीम के 26 में से 14 खिलाड़ी देश के बाहर के हैं. ये इस टूर्नामेंट में किसी भी टीम में मौजूद बाहरी खिलाड़ियों की संख्या से अधिक है.

टीम के लिए सबसे अहम टर्निंग प्वाइंट तीन महीने पहले ही आया जब वाहिद हलिलहोडज़िक को कोच के पद से हटाकर उनकी जगह रेगरागुई को लाया गया.

दूसरी बड़ी घटना थी चेल्सी के मिडफ़िल्डर हक़ीम ज़ीच के अंतरराष्ट्रीय फ़ुटबॉल से संन्यास लेने के बाद भी मोरक्को के लिए इस वर्ल्ड कप में उतरना.

अरब देश में हो रहे पहले विश्व कप में मोरक्को को प्रशंसकों का भी बढ़-चढ़कर साथ मिल रहा है. एक अनुमान के अनुसार क़तर में 20 से 40 हज़ार के बीच मोरक्कन समर्थक मौजूद हैं.

टीम के खिलाड़ी अब उत्तरी अफ़्रीका और यूरोप में रह रहे प्रवासियों के बीच हीरो बन चुके हैं.

मज़बूत डिफ़ेंडिंग लाइन के बलबूते मोरक्को की टीम आज आधी रात होने वाले मैच में बीते वर्ल्ड कप की चैंपियन फ़्रांस को हराकर बड़ा उलटफेर करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी.

मोरोक्को कैसे फ़्रांस की नाक में दम कर सकता है?

मज़बूत डिफ़ेंस

मोरक्को

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रेगरागुई के नेतृत्व में मोरक्को की टीम के ख़िलाफ़ आठ मैचों में सिर्फ़ एक गोल हुआ है. कनाडा के ख़िलाफ़ हुआ ये गोल ख़ुद मोरक्को के खिलाड़ी का सेल्फ़ गोल था. यानी कोई भी विपक्षी टीम मोरक्को के सामने गोल नहीं दाग पाई है.

टीम का मज़बूत डिफ़ेंस टूर्नामेंट में अब तक के सफ़र में बड़ा फ़ैक्टर बना हुआ है.

असरफ़ हकीमी टीम के सबसे अहम खिलाड़ी साबित हो रहे हैं. रियाल मैड्रिड, इंटर मिलान जैसे बड़े यूरोपीय क्लब उनकी इन्हीं ख़ूबियों के कारण हकीमी को अपना सदस्य बनाने की होड़ में रहे हैं. स्पेन के साथ मिली जीत में उन्होंने पेनल्टी शूटआउट में अपने टैलेंट को फिर साबित किया.

कप्तान रोमेन सेस और नाएफ़ अगर्ड सेंटर-बैक में चट्टान की तरह डटे रहे हैं. हालांकि, दोनों के ही चोटिल होने की आशंकाओं के बीच फ़्रांस के ख़िलाफ़ मुक़ाबले में जवाद अल यामिक़ और बद्र बेनॉन को मैच शुरू करने बुलाया जा सकता है.

30 साल के यामिक़ साल 2018 में अफ़्रीकन नेशन्स चैंपियनशिप में जीतने वाली मोरोक्को की टीम का हिस्सा रह चुके हैं.

क़तर में मोरक्को की कामयाबी में सबसे ज़्यादा चमकने वाला सितारा टीम के गोलकीपर यासीन बोनो को माना जा रहा है. कनाडा में जन्में यासीन को फ़ैन्स "बोनो" पुकारते हैं.

पुर्तगाल को सेमीफ़ाइनल की दौड़ से बाहर करने के बाद रेगरागुई ने कहा था, "जब आपके पास दुनिया का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर हो, तो इससे आपको आत्मविश्वास मिलता है और यासीन ने हमें वही दिया है."

मिडफ़ील्ड के सितारे

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सोफ़यान अमराबत के बेजोड़ खेल ने भी मोरक्को के डिफ़ेंस को मज़बूती दी है. पूर्व मिडफ़ील्डर नॉर्डिन के छोटे भाई सोफयान डच मूल के हैं और नीदरलैंड्स के लिए अंडर-15 लेवल पर मैच खेल चुके हैं.

उनके साथ सेंटर मिडफ़ील्ड में अज़ेदीन ओउनाही हैं.

प्री-क्वॉर्टर फ़ाइनल से बाहर होने के बाद स्पेन के कोच लुई एनरिक़ ने मोरक्को के अज़ेदीन ओउनाही के लिए कहा था, "हे भगवान! ये लड़का कहां से आया है?"

"वो स्पेन के खिलाड़ियों की तरह खेलते हैं. उन्होंने दौड़ना बंद नहीं किया. वो थक गए होंगे."

युसुफ़ से उम्मीदें

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इमेज कैप्शन, युसुफ़ एन नेसिरी

मोरक्को के दमदार फॉरवर्ड युसुफ़ एन-नेसिरी इस टूर्नामेंट में उम्मीद के अनुसार गोल नहीं कर सके हैं. लेकिन कनाडा और पुर्तगाल के ख़िलाफ़ तीन गोल दागने के बाद वो मोरक्को के वर्ल्ड कप के इतिहास में अपनी अलग जगह बना चुके हैं.

रेगरागुई कहते हैं, "मुझे हमेशा से युसुफ़ पर भरोसा था क्योंकि वो अलग ऊर्जा के साथ मैदान में उतरते हैं. कोई भी कोच उन्हें अपनी टीम में रखना चाहेगा क्योंकि वो फ़्रांस के जरू की तरह ही टीम के लिए बहुत कड़ी मेहनत करते हैं."

रेगरागुई ने कहा, "हम सेमीफ़ाइनल में पहुंचकर और ऐसा करने वाली पहली अफ़्रीकी टीम बनने से ही संतुष्ट नहीं है. हमें इससे आगे जाना है."

फ़्रांस और मोरक्को के बीच मुक़ाबला भारतीय समयानुसार रात साढ़े 12 बजे शुरू होगा.

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