Liverpool : इंग्लिश प्रीमियर लीग फुटबॉल की चैंपियन बनी लिवरपूल, 30 साल बाद जीती चैंपियनशिप

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लिवरपूल ने इस साल के इंग्लिश प्रीमियर लीग का ख़िताब जीत लिया है.

ख़ास बात यह है कि गुरुवार को लिवरपूल टीम का कोई मुक़ाबला नहीं था, लेकिन चेल्सी के हाथों मैनचेस्टर सिटी की हार ने ख़िताब को लिवरपूल की झोली में डाल दिया.

चैंपियनशिप पर कब्ज़ा जमाने के लिए गुरुवार से पहले लिवरपुल की टीम को महज एक जीत की ज़रूरत थी लेकिन मैनचेस्टर सिटी की हार से यह तय हो गया कि लिवरपुल की बढ़त को किसी से ख़तरा नहीं है.

वैसे तो लिवरपूल ने 19वीं बार इंग्लिश प्रीमियर लीग का ख़िताब जीता है लेकिन 1989-90 के बाद टीम पहली बार चैंपियन बनी है. ज़ाहिर है टीम ने यह कारनामा 30 साल लंबे इंतज़ार के बाद दोहराया है.

टीम की इस कामयाबी का श्रेय कोच जुर्गेन कलोप को दिया जा रहा है. उनकी अगुवाई में टीम ने इस साल हैरतअंगेज प्रदर्शन किया है.

लिवरपूल की टीम ने इस सीजन किस तरह के फुटबॉल कौशल का प्रदर्शन किया है, इसका अंदाज़ा इससे लगया जा सकता है कि टीम ने अब तक 31 मैच खेले हैं जिसमें 28 जीते हैं, दो मैच ड्रॉ रहे हैं हैं जबकि महज एक मुक़ाबले में टीम को हार का सामना करना पड़ा है.

टीम अब तक लीग में 86 अंक जुटा चुकी है. इस सीजन में लिवरपूल के दबदबे का अंदाज़ा इस बात से भी होता है कि एक वक्त में वह दूसरे पायदान पर चल रही टीम पर 25 अंकों की बढ़त हासिल कर चुकी थी. इंग्लिश प्रीमियर लीग में शीर्ष दो टीमों के बीच इतना अंतर इससे पहले नहीं दिखा था.

अभी लिवरपूल के सात मैच बाक़ी है इस लिहाज से इतनी जल्दी चैंपियनशिप जीत लेने का यह लीग का एक रिकॉर्ड ही है. वैसे टीम का इरादा एक सीजन में सबसे ज़्यादा 32 मैचों की जीत के रिकॉर्ड तोड़ने के साथ साथ सीजन में 100 अंक हासिल करने पर भी होगा.

वैसे लिवरपूल की टीम पिछले सीजन भी ख़िताब जीतने के क़रीब पहुंची थी लेकिन मैनचेस्टर सिटी से ख़िताबी मुक़ाबले में उसे हार का सामना करना पड़ा था.

कोच ने बदली टीम की किस्मत

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जर्मन कोच जुर्गेन कलोप को 2015 में टीम की कमान सौंपी गई थी. तब लिवरपूल दसवें नंबर की टीम थी. कलोप कामयाबी के साथ टीम से जुड़े थे. वह बोरुसिया डर्टमंड को बुंडसलीगा का चैंपियन बना चुके थे.

आक्रामक फुटबॉल की रणनीति अपनाने वाले कलोप के आते ही लिवरपूल की टीम की किसमत बदल गई. उनके नेतृत्व में टीम ने चार सीजन बिताए हैं. चार सीजन में टीम की पॉजिशन रही है- चौथा, चौथा, दूसरा और पहला.

कलोप ने लिवरपूल को एक चैंपियन टीम के तौर पर बदल दिया है. उन्होंने सोच समझ कर खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया और नतीजा सबके सामने है.

उन्होंने मोहम्मद सालेह, सैडियो माने और रॉबर्टो फिरमिनो के तौर पर तीन ज़ोरदार फारवर्ड खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया. ये तीनों तीन सीजन के दौरान लिवरपूल के लिए 211 गोल दाग चुके हैं.

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