अमेरिका: वॉलमार्ट स्टोर से क्रैश करने की धमकी देने के बाद पायलट ने सुरक्षित उतारा प्लेन
अमेरिका के मिसिसिपी शहर के ऊपर प्लेन से घंटों चक्कर लगाने वाले पायलट ने विमान को सुरक्षित तरीके से उतार लिया है. पायलट ने वॉलमार्ट के एक स्टोर से क्रैश करने की धमकी दी थी.
लाइव कवरेज
कमलेश मठेनी and अभिनव गोयल
ब्रेकिंग न्यूज़, अमेरिका: वॉलमार्ट स्टोर से क्रैश करने की धमकी देने के बाद पायलट ने सुरक्षित उतारा प्लेन
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अमेरिका के मिसिसिपी शहर के ऊपर प्लेन से घंटों चक्कर लगाने वाले पायलट ने विमान को सुरक्षित तरीके से उतार लिया है. पायलट ने वॉलमार्ट के एक स्टोर से क्रैश करने की धमकी दी थी.
मिसिसिपी के गवर्नर टेट रीव्स ने ट्वीट कर बताया कि घटना में कोई भी घायल नहीं हुआ है.
स्थानीय टेलीविजन स्टेशन के एक रिपोर्ट के लाइव स्ट्रीम में विमान को एक खेत में खड़े हुए देखा जा सकता है.
पायलट के धमकी देने के बाद वॉलमार्ट और पास के एक दूसरे स्टोर को खाली कर दिया गया था, वहीं नागरिकों को इलाके से दूर रहने के लिए कहा गया था.
पायलट की पहचान और प्लेन चलाते समय पुलिस के साथ बातचीत को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है.
हालांकि, स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार विमान को उतारने के बाद पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया है.
जब 269 यात्रियों वाले कोरियाई विमान को मार गिराया गया
वीडियो कैप्शन, जब 269 यात्रियों वाले कोरियाई विमान को मार गिराया गया
साल 1983 में जब एक कोरियाई विमान ने सोवियत वायुसीमा का उल्लंघन किया तो सोवियत संघ ने मिसाइल से उस विमान को मार गिराया.
विमान में सवार सभी 269 यात्री मारे गए. क्या थी पूरी कहानी बता रहे हैं रेहान फ़ज़ल विवेचना में.
बीजेपी नेता के महिला से दुर्व्यवहार का वीडियो वायरल, कहा- 'क्या मैंने उसका रेप किया',
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इमेज कैप्शन, कर्नाटक में महादेवपुर से बीजेपी विधायक अरविंद लिंबावली
कर्नाटक में महादेवपुर विधानसभा क्षेत्र में एक महिला के साथ दुर्व्यवहार करने वाले बीजेपी नेता अरविंद लिंबावली का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
बाद में एक स्थानीय टेलीविजन चैनल पर कर्नाटक के पूर्व मंत्री ने अपनी कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि, "क्या मैंने उससे बलात्कार किया है कि आप ये सवाल पूछ रहे हैं."
इस पूरे मामले को लेकर लोग सोशल मीडिया पर अपना नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.
घटना गुरुवार को पूर्व मंत्री के निर्वाचन क्षेत्र के वरथुर इलाके की है. एक दिन बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे एक महिला उन्हें ये बताने के लिए एक दस्तावेज दिखाती है कि उसके परिवार ने बरसाती नाले पर अतिक्रमण नहीं किया है.
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अरविंद लिंबावली के निर्वाचन क्षेत्र में ब्रुहत बेंगलुरु महानगर पालिका के द्वारा अतिक्रमण और डिमोलिशन का मामला उठा, क्योंकि भारी बारिश के चलते कई जगह बाढ़ आ गई थी. इलाके में बड़े आईटी पार्क और अपार्टमेंट हैं.
वायरल वीडियो में अरविंद लिंबावली महिला पर चिल्ला रहे हैं और उनसे कागज छीनने की कोशिश करते हैं. वीडियो में महिला उन्हें बता रही हैं कि निर्माण करने की जरूरी परमिशन उनके पास था लेकिन अधिकारियों ने उनके घर से सटी एक दीवार को गिरा दिया है. वहीं अरविंद लिंबावली कह रहे हैं कि क्या तुम्हें शर्म नहीं आती.
विधायक महिला पर चिल्लाना जारी रखते हैं. महिला कहती है कि उन्हें किसी भी महिला से इस तरह से बात नहीं करनी चाहिए. वहीं विधायक पुलिस को बुलाते हैं और उनसे इस तरह से बात करने के लिए महिला को थाने ले जाने के लिए कहते हैं. आखिर में एक महिला पुलिसकर्मी महिला को पकड़कर ले जाती है. महिला का कहना है कि वह कांग्रेस कार्यकर्ता है. इस मामले में कांग्रेस के कई नेताओं ने अपनी नाराजगी जाहिर की है और बीजेपी पर निशाना साधा है.
कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर लिखा कि महिलाओं की सुरक्षा की बात कर बीजेपी पाखंड करती है. जिस तरह से आपकी (बीजेपी) पार्टी के अरविंद लिंबावली ने एक महिला के साथ लोगों के प्रतिनिधि होने के नाते गलत व्यवहार किया वह माफी लायक नहीं है. क्या आप में इस तरह के महिला विरोधी काम के खिलाफ बोलने की हिम्मत है? क्या अरविंद लिंबावली ने उस महिला से माफी मांगी?
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इस ट्वीट पर पलटवार करते हुए अरविंद लिंबावली ने कहा कि, “मैं माफी मांगने को तैयार हूं लेकिन आपकी पार्टी कार्यकर्ता ने राजकालुवे पर कब्जा कर लिया था और पिछले कई सालों से लोगों के लिए परेशानी खड़ी कर रही थी. अपनी पार्टी कार्यकर्ता को इसे खाली करने के लिए कहें. उसे अपना अहंकार बंद करने के लिए कहें.”
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बाद में एक कन्नड टेलीविजन चैनल के रिपोर्टर ने विधायक से पूछा, “ इन इलाकों में बहुत अतिक्रमण है. क्या किसी महिला से इस तरह बात करना सही है? आपने कितने लोगों के साथ इस तरह से बात की है जिन्होंने बरसाती नाले पर अतिक्रमण किया हुआ है?”
इसके जवाब में अरविंद लिंबावली ने कहा, “आप मुझसे इस तरह से यह सवाल क्यों पूछ रहे हैं? आप इसे मुद्दा क्यों बना रहे हैं? क्या मैंने उसका रेप किया ?”
म्यांमार की सेना के अत्याचार से बचने के लिए भारत के मिज़ोरम में शरणार्थियों की बाढ़ -ग्राउंड रिपोर्ट
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म्यांमार और मिज़ोरम के बीच एक पहाड़ी नदी टिआऊ ही अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखांकित करती है. फिलहाल बरसात के मौजूदा मौसम में यह पानी से लबालब भरी हुई है. लेकिन साल के बाकी समय इसे पैदल ही पार किया जा सकता है. यहां दोनों देशों की सीमाएं स्वाभाविक स्थिति में एकदम शिथिल रहती हैं.
दोनों ओर से लोग अमूमन निर्बाध तरीके से सीमा पार कर एक-दूसरी ओर आवाजाही कर सकते हैं. म्यांमार का सॉफ्ट ड्रिंक या बीयर सीमा से सटे भारतीय बाजार में आसानी से मिल जाता है. यहां तक कि म्यांमार में बनी मोटरसाइकिल भी सीमा के दूसरी ओर यानी भारतीय इलाके में काफी लोकप्रिय है.
लेकिन बीते डेढ़ साल से भी ज्यादा समय से इस सीमा चेकपोस्ट पर काफी कड़ा पहरा है. सीमा चौकी पार कर एक देश से दूसरे देश में आवाजाही कागज पर तो लगभग बंद ही है. लेकिन इसके बावजूद हजारों म्यांमारी नागरिक लगातार भारतीय सीमा में प्रवेश कर रहे हैं.
दरअसल, बीते साल पहली फरवरी में म्यांमार में सेना के सत्ता पर कब्जे़ के बाद से ही आतंकित लोग समूहों में टिआऊ नदी को पार कर गोपनीय रूप से मिजोरम पहुंच रहें हैं और यह सिलसिला अब भी बदस्तूर जारी है.
तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने क्यों दी ग्रीस को अंजाम भुगतने की धमकी
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इमेज कैप्शन, तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन
तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैय्यप अर्दोआन ने एजियन सागर के ऊपर उसके लड़ाकू विमानों को परेशान करने पर ग्रीस को भारी कीमत भुगतने की चेतावनी दी है.
दोनों नेटो सदस्य देशों के बीच लंबे समय से समुद्री और हवाई सीमा विवाद है. अर्दोआन ने एक रैली में ग्रीस को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आप आगे बढ़ते हैं तो आपको भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.
तुर्की ने हाल के महीनों में एथेंस की उकसावे वाली कार्रवाई की शिकायत की है और कहा है कि इस तरह के कदमों से शांति स्थापित करने के प्रयास कमजोर होंगे.
तुर्की ने कहा कि पिछले हफ्ते ग्रीस ने टोही मिशन और तुर्की के जेट विमानों को परेशान करने के लिए रूस की बनी वायु रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल किया था.
अपने संबोधन में अर्दोआन ने ग्रीस पर आरोप लगाया कि वो उसे एस-300 मिसाइल प्रणाली के जरिए डराना चाहता है. हालांकि ग्रीस ने तुर्की के इन आरोपों को खारिज किया है.
तुर्की का कहना है कि ग्रीस प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध के हुई संधियों का उल्लंघन कर एजियन सागर में द्वीपों पर अपने सैनिकों को तैनात कर रहा है. इतना ही नहीं तुर्की ने ग्रीस पर द्वीपों पर कब्जा करने का भी आरोप लगाया है.
सुपरटेक के चेयरमैन का दावा, ट्विन टावर की जगह पर नया हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू करना चाहते हैं
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रियल एस्टेट फर्म सुपरटेक लिमिटेड नोएडा में उसी जगह पर एक नए हाउसिंग प्रोजेक्ट को शुरू करना चाहती हैं, जहां पर ट्विन टावरों को ध्वस्त किया गया था.
सुपरटेक के चेयरमैन आर के अरोड़ा ने कहा कि अगर अधिकारियों ने प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दी तो वे जमीन की लागत और दूसरे खर्चों को वापस करने की मांग करेंगे.
उन्होंने कहा कि साइट से मलबा साफ होने के बाद कंपनी नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी के सामने एक नए हाउसिंग प्रोजेक्ट का प्रस्ताव रखेगी और जरूरत पड़ने पर एमराल्ड कोर्ट के आरडब्ल्यू की सहमति भी लेगी.
आर के अरोड़ा ने बताया कि ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए हमें नोएडा सेक्टर 93 ए में नोएडा डेवलपमेंट अथॉरिटी ने 14 एकड़ जमीन दी थी. कुल जमीन में से 2 एकड़ जमीन पर ट्विन टावर बनाए गए थे.
उन्होंने कहा, "अब ट्विन टावर को गिरा दिया गया है. 2 एकड़ जमीन पर कंपनी का मालिकाना हक है. हम इसी जमीन पर हाउसिंग प्रोजेक्ट को बनाने की योजना सामने रखेंगे"
कंपनी के अनुसार ट्विन टावर के गिराए जाने से उसे करीब 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार नोएडा में बने करीब 100 मीटर ऊंचे ट्विन टावर को 28 अगस्त को गिरा दिया गया था. एमराल्ड कोर्ट परिसर में एपेक्स और सेयेन टावर के निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया गया था.
टावरों का गिराने के लिए 3700 किलोग्राम से ज्यादा विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया था.
दुनिया के सबसे ख़तरनाक परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में से एक को लेकर इतना विवाद क्यों है
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इमेज कैप्शन, डिएब्लो केनयन के नजदीक कई शहर है, जहां बड़ी आबादी रहती है
ये लगभग समुद्र पर बना है. लॉस एजेंल्स और सैन फ्रांसिस्को के बीच आधे रास्ते में स्थित 'डिएब्लो केनयन' कैलिफोर्निया का आख़िरी सक्रिय परमाणु बिजली संयंत्र है.
लेकिन इस गुरुवार तक ऐसा लग रहा था कि इसके दिन बचे-खुचे ही हैं.
अपनी स्थापना के वक्त से ही ये परमाणु बिजली संयंत्र विवादित रहा है.
1960 के दशक में इसकी स्थापना के समय कैलिफोर्निया में काफी मजबूत परमाणु विरोधी आंदोलन उठ खड़ा हुआ था.
इसकी सुरक्षा को लेकर कई तरह की आशंकाएं जताई गई थीं. भूकंप के लिहाज से अज्ञात खतरे वाले क्षेत्र में होने से जुड़ी एक के बाद एक कई रिपोर्टों के आने के बाद ये हमेशा विवाद में रहा.
03 सितंबर 2022 का दिनभर- पूरा दिन पूरी ख़बर सुनिए अंजुम शर्मा के साथ
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सुशील कुमार मोदी का दावा- 'जेडीयू मुक्त' हुआ मणिपुर, जल्द बिहार का आएगा नंबर
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इमेज कैप्शन, सुशील मोदी
मणिपुर में जनता दल यूनाइटेड छह में से पांच विधायक बीजेपी में शामिल हो गए हैं. इस घटना को बिहार में बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने विधायकों का विद्रोह करार दिया है.
सुशील मोदी ने कहा कि मणिपुर जेडीयू मुक्त हो गया है.
अपने ट्विटर हैंडल पर सुशील मोदी ने एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में वे कह रहे हैं, "जदयू की मणिपुर इकाई में विद्रोह हो गया. मणिपुर इकाई नीतीश जी के इस निर्णय से सहमत नहीं है जिसमें उन्होंने बीजेपी से गठबंधन तोड़कर राजद और कांग्रेस से हाथ मिला लिया. इसलिए उनके पांच विधायक विद्रोह करके बीजेपी में शामिल हो गए और मणिपुर जेडीयू से मुक्त हो गया."
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'बिहार भी जदयू मुक्त होने वाला है'
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार भी जेडीयू मुक्त होने वाला है. उन्होंने कहा, "आने वाले दिनों में लालू प्रसाद यादव आपकी पार्टी को तोड़कर बिहार को भी जेडीयू से मुक्त कर देंगे. बड़ी संख्या में विधायक राजद में चले जाएंगे, कुछ लोग कांग्रेस में चले जाएंगे और कुछ लोग बीजेपी में आ जाएंंगे."
वहीं, नीतीश कुमार ने मणिपुर में हुए दल-बदल की तुलना विधायकों की खरीद-फरोख्त से करते हुए कहा, "जब हम एनडीए में थे तो उन्होंने हमारे विधायकों को कुछ नहीं दिया. अब उन्होंने उनका दिल जीत लिया है."
"क्या ये वाजिब बात है? क्या ये संवैधानिक है? क्या ये निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार है? वे हर कहीं ऐसा कर रहे हैं. इसलिए सभी राजनीतिक दलों को साल 2024 में एक सकारात्मक जनादेश के लिए एकजुट होना चाहिए."
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खरीद फरोख्त के आरोप पर सुशील मोदी ने क्या कहा
खरीद फरोख्त के आरोप पर सुशील मोदी ने कहा, "लल्लन जी कह रहे हैं कि आपके विधायकों को खरीद लिया गया. क्या आपके विधायक बिकाऊ हैं. क्या आपके विधायकों को कोई खरीद सकता है. ये आरोप बेबुनियाद और भ्रामक हैं. किसी को खरदीने की जरूरत नहीं है. ये आपके निर्णय से सहमत नहीं थे इसलिए वो लोग बीजेपी में शामिल हुए हैं."
इस साल मार्च में जब मणिपुर में विधानसभा के चुनाव हुए थे तो जनता दल यूनाइटेड ने 38 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे जिनमें पार्टी को छह सीटों पर जीत हासिल हुई थी. इनमें से पांच विधायक शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए.
कौन हैं जेडीयू के पांच विधायक
विधानसभा सचिवालय ने बयान जारी कर बताया कि मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष ने संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत जद(यू) के पांच विधायकों के बीजेपी में विलय को स्वीकार किया है. इसमें ख. जॉयकिशन सिंह, नगुरसंगलूर सनाटे, मोहम्मद अचब उद्दीन, थंगजाम अरुण
के भाजपा में विलय को स्वीकार करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की है। इन नामों में ख. जॉयकिशन सिंह, नगुरसंगलूर सनाटे, मोहम्मद अचब उद्दीन, थंगजाम अरुणकुमार और एलएम खौटे शामिल हैं.
हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में 32 सीटों का बहुमत हासिल किया था, जिसके नतीजे 10 मार्च को आए थे.
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अरुणाचल प्रदेश में भी विद्रोह
वीडियो में उन्होंने अरुणाचल प्रदेश के एक विधायक का भी जिक्र किया जो हाल ही में जेडीयू छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में जेडीयू की कई राज्य इकाइयों में विद्रोह होगा.
25 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के एकमात्र विधायक टेची कासो बीजेपी में शामिल हो गए थे. उन्होंने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अरुणाचल प्रदेश के सीएम की उपस्थिति में पार्टी ज्वाइन की थी.
क्रिकेट के शानदार बल्ले कश्मीर में ऐसे बनते हैं
वीडियो कैप्शन, क्रिकेट के शानदार बल्ले कश्मीर में ऐसे बनते हैं
दुनिया भर में मशहूर कश्मीर का क्रिकेट का बल्ला कैसे बनता है.
और किन प्रक्रियाओं से गुज़र कर मुकम्मल बैट का रूप धरता है, देखिए इस रिपोर्ट में.
श्रीलंका छोड़कर भागे पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे को वापसी पर मिलेंगी ये सुविधाएं
इमेज कैप्शन, श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे
श्रीलंका में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद देश छोड़कर गए पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे अब वापस लौट आए हैं. उन्हें विशेष सुरक्षा और रहने के लिए एक सरकारी बंगला दिया गया है.
शुक्रवार देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच थाईलैंड से कोलंबो लौटने पर 73 साल के राजपक्षे का गर्मजोशी से स्वागत हुआ.
डेली मिरर अखबार के मुताबिक राजपक्षे कोलंबो में विजेरामा मावथा इलाके के पास एक सरकारी बंगले में रहेंगे. इलाके में सुरक्षा बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया जाएगा.
पूर्व राष्ट्रपति को संवैधानिक रूप से एक घर, व्यक्तिगत सुरक्षा और कुछ कर्मचारियों की गारंटी दी जाती है.
इससे पहले एयरपोर्ट के ड्यूटी मैनेजर ने बताया कि पूर्व राष्ट्रपति सिंगापुर एयरलाइंस की फ्लाइट से शुक्रवार रात करीब 11.30 बजे श्रीलंका पहुंचे.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक सत्तारूढ़ एसएलपीपी के एक सूत्र ने इकोनॉमी नेक्स्ट वेबसाइट को बताया कि गोटाबाया राजपक्षे फिर से राजनीति में शामिल नहीं होंगे.
इमेज कैप्शन, श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे
वापस लौटने पर विरोध का डर
गोटाबाया राजपक्षे का वापस लौटना फिर से विवाद पैदा कर सकता है जबकि मौजूदा सरकार और ज़्यादा विरोध प्रदर्शन नहीं चाहती है.
विरोध प्रदर्शनकारियों के एक प्रमुख नेता फादर जीवंथा पीरिस ने बीबीसी से कहा, ''हम राजपक्षे के आने का विरोध नहीं करते. कोई भी श्रीलंकाई नागरिक देश वापस आ सकता है. लोग उनकी सरकार के कथित भ्रष्टाचार के कारण सड़कों पर निकले थे. हमारी उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है.''
वहीं, दूसरे प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वो राजपक्षे के फिर से राजनीति या सरकार से जुड़ने की कोशिशों का विरोध करेंगे.
नेवी के नए और पुराने ध्वज की कहानी, चार बार हुए बदलाव
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इमेज कैप्शन, भारतीय नौसेना का नया ध्वज
भारत का पहला स्वदेशी विमानवाहक पोत (आईएनएस) विक्रांत आज भारतीय नौसेना का हिस्सा बन गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के कोच्चि में आईएनएस विक्रांत को देश को समर्पित किया. भारतीय नौसेना का अंग बनते ही विक्रांत के नाम के आगे आईएनएस शब्द जुड़ गया है.
45 हज़ार टन वजन वाले इस युद्धपोत को 20 हज़ार करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है. इसका डेक फुटबॉल के दो मैदान के बराबर है. इस पर एकसाथ 30 फ़ाइटर प्लेन और हेलिकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं.
इस जहाज को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत बनाया गया है. इस जंगी जहाज़ की 76 प्रतिशत चीज़ें भारत में बनी हैं. इन्हें क़रीब 500 भारतीय कंपनियों ने बनाया है.
अमेरिका के ताइवान को हथियार देने से नाराज चीन, जवाबी कार्रवाई की धमकी
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चीन ने अमेरिका से ताइवान को एक अरब डॉलर के हथियारों की बिक्री को रद्द करने करने के लिए कहा है. चीन ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और ताइवान के बीच में हथियारों की ब्रिकी का सौदा आगे बढ़ता है तो इसका जवाब दिया जाएगा.
अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने ताइवान को करीब 1 अरब अमेरिकी डॉलर के हथियार बेचने को मंजूरी दी है. इसमें 60 एंटी शिप मिसाइलें और 100 हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भी शामिल हैं.
इस सौदे को मंजूरी मिलने के बाद कुछ घंटे बाद ताइवान ने बताया कि दो चीनी लड़ाकू विमानों उसके क्षेत्र से गुजरे हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक ताइवान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने कुल चार चीनी एयरक्राफ्ट और पांच चीनी शिप को ताइवान के आसपास ऑपरेटर करते हुए पाया है.
अमेरिका का कहना है कि ताइवान की सुरक्षा के लिए हथियार देना जरूरी है. पिछले महीने कांग्रेस स्पीकर नैन्सी पेलोसी ने ताइवान की यात्रा की. इस यात्रा के बाद से नाराज चीन ने ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास किया था.
हथियारों के इस पैकेज में अमेरिका ताइवान को साइडवाइंडर मिसाइलें भी देगा, जिनकी कीमत करीब 8 करोड़ अमेरिकी डॉलर है. ये मिसाइलें हवा से हवा और सतह पर हमला करती हैं. इसके अलावा हार्पून एंटी शिप मिसाइलें भी ताइवान को दी जाएंगी, जिनकी कीमत 35.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर हैं.
अमेरिका ताइवान के सर्विलांस रडार सिस्टम को मजबूत करने के लिए करीब 66.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर देगा.
ज्ञानवापी के बाद यूपी की एक और मस्जिद में शिव मंदिर होने का दावा, क्या है पूरा मामला, वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग होने के दावे के बाद अब बदायूं की जामा मस्जिद में नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा किया गया है. पढ़ें, दिल्ली से छपने वाले अख़बारों की प्रमुख ख़बरें.
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वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग होने के दावे के बाद अब बदायूं की जामा मस्जिद में नीलकंठ महादेव मंदिर होने का दावा किया गया है. इस संबंध में बदायूं की सिविल कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसे सिविल कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है.
अखिल भारतीय हिंदू महासभा (एबीएचबी) की याचिका पर सुनवाई करते हुए एक सिविल कोर्ट ने शुक्रवार को मामला दर्ज करने का आदेश भी दिया है.
टाइम्स ऑफ़ इंडियाकी ख़बर के अनुसार, याचिका में दावा किया गया है कि बदायूं स्थित जामा मस्जिद परिसर वास्तविकता में एक हिंदू राजा का किला था. याचिका में दावा किया गया है कि जामा मस्जिद की मौजूदा संरचना नीलकंठ महादेव के एक प्राचीन मंदिर को ध्वस्त करके बनाई गई है.
कोर्ट ने इस संबंध में जामा मस्जिद के इंतेज़ामिया समिति, उत्तर प्रदेश सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड, उत्तर प्रदेश पुरातत्व विभाग, केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, बदायूं ज़िला मजिस्ट्रेट और राज्य के प्रमुख सचिव को भी अपना जवाब दाख़िल करने को कहा है.
चीनी लोन ऐप मामले में ईडी की छापेमारी, निशाने पर रेज़रपे, पेटीएम और कैशफ्री के ठिकाने
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भारत में इंस्टैंट लोन देने वाले चीनी ऐप्स के ख़िलाफ़ जांच चल रही है. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रेज़रपे, पेटीएम और कैशफ्री के बेंगलुरु स्थित ठिकानों पर छापेमारी कर रहा है.
ईडी ने बयान जारी कर कहा कि कर्नाटक की राजधानी में शुक्रवार को छह जगहों पर तलाशी शुरू की गई और ये अभियान अभी जारी है.
जांच एजेंसी ने कहा कि उसने छापे के दौरान 17 करोड़ रुपये जब्त किए हैं. ये पैसे लोन ऐप को चलाने वाले लोगों के अकाउंट्स में थे. इन संस्थाओं पर आरोप है कि ये भारतीय लोगों के जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करती हैं और नकली डायरेक्टर बनाती हैं. हालांकि इन ऐप को चलाने वाले चीनी नागरिक हैं.
ये चीनी कंपनियां अपना अवैध धंधा अलग अलग तरह के पेमेंट गेटवे कंपनियों के जरिए करती हैं.
ईडी ने बताया कि बेंगलुरु पुलिस साइबर क्राइम स्टेशन में कम से कम 18 एफआईआर दर्ज हुई हैं जिसमें चीनी ऐप पर लोन देकर प्रताड़ना करना का आरोप है. इसी आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है.
झारखंड: आख़िर क्यों बार-बार हिल जाती है मुख्यमंत्री की कुर्सी
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बात साल 2005 की है. रात के ढाई बज रहे थे और रांची की सुनसान 'मेन रोड' पर अचानक से हलचल मच गई.
कुछ तेज़ रफ़्तार गाड़ियां और उन गाड़ियों का पीछा करती पुलिस की सायरन बजाती वैन. रांची मेन रोड पर जितने भी होटल थे, सभी के एक-एक कमरे की तलाशी ली जा रही थी.
ये बात उस दिन की है जिस दिन विधानसभा चुनावों के नतीजे आए थे. सबसे ज़्यादा सीटें लाने वाली भाजपा को बहुमत नहीं मिला था.
विपक्ष में कांग्रेस और कुछ छोटे दलों का गठबंधन था, जिसे बीजेपी से कम सीटें मिलीं थीं.
मणिपुर में बीजेपी से मिले झटके पर बोले नीतीश कुमार- क्या ये संवैधानिक है?
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मणिपुर में जनता दल यूनाइटेड के विधायकों के भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो जाने पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को कड़े शब्दों में नाराज़गी जताई है.
पटना में पार्टी कार्यालय के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए नीतीश कुमार ने अपने पूर्व सहयोगी द्वारा पार्टी के विधायकों को कथित तौर पर फुसला लिए जाने की संवैधानिकता और औचित्य पर सवाल उठाया.
पटना में इस वक़्त जनता दल यूनाइटेड का दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन चल रहा है.
नीतीश कुमार ने कहा कि मणिपुर से आने वाले पार्टी विधायकों ने इस सम्मेलन में अपनी उपस्थिति की पुष्टि की थी. उन्होंने अतीत में एनडीए छोड़ने के पार्टी के फ़ैसले का भी समर्थन किया था.
नीतीश कुमार ने मणिपुर में हुए दल-बदल की तुलना विधायकों की खरीद-फरोख्त से करते हुए कहा, "जब हम एनडीए में थे तो उन्होंने हमारे विधायकों को कुछ नहीं दिया. अब उन्होंने उनका दिल जीत लिया है."
"क्या ये वाजिब बात है? क्या ये संवैधानिक है? क्या ये निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार है? वे हर कहीं ऐसा कर रहे हैं. इसलिए सभी राजनीतिक दलों को साल 2024 में एक सकारात्मक जनादेश के लिए एकजुट होना चाहिए."
पिछले दिनों से नीतीश कुमार का नाम राष्ट्रीय राजनीति के परिदृश्य में लिया जा रहा है.
जब उनसे ये पूछा गया कि क्या वे आने दिनों में विपक्ष की एकता की संभावना तलाशने के लिए वरिष्ठ नेताओं से मिलने दिल्ली जाएंगे तो नीतीश कुमार ने इसका जवाब हां में दिया.
हालांकि उन्होंने इस पर विस्तार से कुछ भी नहीं कहा.
इस साल मार्च में जब मणिपुर में विधानसभा के चुनाव हुए थे तो जनता दल यूनाइटेड ने 38 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे जिनमें पार्टी को छह सीटों पर जीत हासिल हुई थी.
इनमें से पांच विधायक शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए.
इस हफ़्ते के कार्टून: प्याज़ टमाटर और टेंशन
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चीन के साथ बढ़ते तनाव के बीच ताइवान को 1.1 अरब डॉलर के हथियार देगा अमेरिका
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अमेरिका ने ताइवान को संभावित 1.1 अरब अमेरिकी डॉलर के हथियार बेचने को मंजूरी दी है. इसमें 60 एंटी शिप मिसाइलें और 100 हवा से हवा में मार करनी वाली मिसाइलें भी शामिल हैं.
पिछले महीने कांग्रेस स्पीकर नैन्सी पेलोसी की ताइवान यात्रा और चीन के ताइवान के करीबी क्षेत्र में सैन्य अभ्यास को देखते हुए पेंटागन ने शुक्रवार को इस पैकेज की घोषणा की है.
इसमें अमेरिका, ताइवान को साइडवाइंडर मिसाइलें भी देगा, जिनकी कीमत करीब 8 करोड़ अमेरिकी डॉलर है. ये मिसाइलें हवा से हवा और सतह पर हमला करती हैं. इसके अलावा हार्पून एंटी शिप मिसाइलें भी ताइवान को दी जाएंगी, जिनकी कीमत 35.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर हैं.
पैकेज के तहत ताइवान के सर्विलांस रडार सिस्टम को मजबूत करने के लिए करीब 66.5 करोड़ अमेरिकी डॉलर की मदद की जाएगी.
वाशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंग्यु ने बयान जारी कर संभावित हथियारों की बिक्री को चीन और अमेरिकी के बीच संबंधों के लिए खतरा बताया है. उन्होंने कहा कि इस बिक्री से ताइवान के क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ावा मिलेगा.
विराट कोहली ही नहीं, मेंटल हेल्थ की समस्या से ग़ुजर चुके हैं कई खिलाड़ी
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"दस साल में ऐसा पहली बार हुआ जब मैंने अपने बल्ले को एक महीने तक हाथ नहीं लगाया. इससे पहले मैंने ज़िंदगी में ऐसा कभी नहीं किया. मुझे इस बात का एहसास हुआ कि हाल के दिनों में एक फ़र्ज़ी किस्म की इन्टेनसिटी का दिखावा कर रहा था. मैं ख़ुद को ये बताने की कोशिश कर रहा था कि मुझमें वो इन्टेसिटी है. जबकि आपका शरीर आपसे कह रहा है कि रुको. आपका दिमाग़ आपको कह रहा है कि थोड़ा थम जाओ, ब्रेक लो."
"मुझे लोग ऐसे शख़्स के तौर पर देखते रहे हैं जो मानसिक तौर पर बहुत मज़बूत है. मैं हूँ भी. लेकिन हर किसी की एक लिमिट होती है. आपको उस लिमिट को पहचानना आना चाहिए वरना चीज़ें आपके लिए अनहेल्थी हो सकती हैं. मुझे ये मानने में कोई शर्म नहीं है कि मैं उस वक़्त मेंटली डाउन महसूस कर रहा था. मज़बूत होने का दिखावा करना कमज़ोर होने को स्वीकार करने से कहीं ख़राब बात है."
कुछ दिन पहले स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में जब भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक विराट कोहली ने अपनी मेंटल हेल्थ के बारे में ये बात कही थी तो कई लोगों के लिए हैरत की बात थी.
आख़िर मैदान पर कोहली पिछले दस सालों से क्रिकेट के धुरंधर माने जाते रहे हैं, एक के बाद एक रिकॉर्ड उनके नाम रहे हैं, पिच पर उनकी बॉडी लैंग्वेज हमेशा आक्रामक रही है. जैसे को तैसे वाला उनका रवैया और मैदान पर एग्रेशन उनकी पहचान बन चुकी है.