बॉलीवुड गायक केके की तबीयत कोलकाता में कार्यक्रम के दौरान बिगड़ी, निधन

गायक कृष्णकुमार कुन्नथ (केके) के निधन पर प्रधानमंत्री मोदी ने शोक जताया. सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि केके को उनके गीतों के ज़रिए याद रखा जाएगा.

लाइव कवरेज

चंदन शर्मा and अभिनव गोयल

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, बॉलीवुड गायक केके की तबीयत कोलकाता में कार्यक्रम के दौरान बिगड़ी, निधन,

    केके

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    बॉलीवुड के जानेमाने गायक कृष्णकुमार कुन्नथ का मंगलवार को देर रात कोलकाता में निधन हो गया. उन्हें लोग केके के नाम से जानते थे.

    वे 53 साल के थे.

    वे महानगर के एक कॉलेज के समारोह में शिरकत करने यहां आए थे. कार्यक्रम के दौरान ही उन्होंने तबीयत खराब होने की बात कही थी.

    कार्यक्रम से होटल लौटते ही उनको एक निजी अस्पताल ले जाया गया. वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

    अस्पताल पहुंचे राज्य के मंत्री अरूप विश्वास ने पत्रकारों से केकेकी मौत की पुष्टि की. उन्होंने पत्रकारों को बताया, "डॉक्टरों का प्राथमिक अनुमान है कि केके की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है. लेकिन मूल वजह का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. दफ्तर से घर लौटते समय मुझे पता चला. मुझे बताया गया है कि उनको मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था."

    गायक केके

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    तमिल,तेलुगु,कन्नड़, मलयालम, मराठी, बांग्ला और गुजराती फ़िल्मों में गाने वाले केके कोलकाता के गुरूदास कॉलेज के एक समारोह में शामिल होने यहां आए थे.

    यह लाइव शो नज़रूल मंच पर हो रहा था. लेकिन कार्यक्रम के दौरान ही उनकी तबीयत खराब हुई और वे होटल लौटे.

    होटल में प्रशंसकों ने उनके साथ फोटो खिंचाने का आग्रह किया था. लेकिन तबीयत बिगड़ने के कारण उन्होंने इससे मना कर दिया. तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उनको वहां के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

    केके ने बॉलीवुड की कई फिल्मों के लिए गाने गाए थे. 'हम दिल दे चुके सनम' में उनका गाया 'तड़प तड़प के इस दिल से...' और 'ओम शांति ओम' में गाया 'आंखों में तेरी...' को श्रोताओं ने काफी पसंद किया था.

    उन्होंने 'हम दिल दे चुके सनम' फ़िल्म से बॉलीवुड में पार्श्वगायक के तौर पर अपनी पारी शुरू की थी. केके जानेमाने गायक और संगीतकार किशोर कुमार के पुत्र अमित कुमार के करीबी थे. अमित की पत्नी रीमा गांगुली ने फेसबुक पर केके के निधन की खबर दी.

    गायक केके

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    केके के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक जताया है.

    सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा, "गायक कृष्णकुमार कुन्नथ जिन्हें लोग केके के नाम से जानते थे, उनकी अचानक हुई मौत से दुखी हूं. उनके गीतों में अलग-अलग भावनाएं दिखती थीं और उनके गीत हर उम्र के लोगों के दिलों छूते थे. उन्हें उनके गीतों के ज़रिए याद रखा जाएगा. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और फैन्स के साथ हैं."

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    केके के निधन मौत की ख़बर पर जानेमाने कलाकार अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर लिखा, "केके के निधन की ख़बर सुनकर बेहद दुख हुआ."

    वहीं गायक अरमान मलिक ने लिखा, "ये साल भारतीय संगीत के लिए काला रहा है. पहले लता दीदी, फिर बप्पी दा, सिद्धू मूसेवाला और अब केके. ऐसा लगता है ये सब निजी नुक़सान है."

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  2. यूक्रेन के सेवरोदोनेत्स्क शहर के लगभग आधे हिस्से पर रूस का कब्ज़ा

    सेवरोदोनेत्स्क शहर

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    रूस की सेना ने सेवरोदोनेत्स्क शहर के लगभग आधे हिस्से पर कथित तौर पर कब्जा कर लिया है.

    हालाँकि लुहान्स्क क्षेत्र का आखिरी प्रमुख शहर अभी भी यूक्रेन के हाथों में है.

    इस शहर पर लगातार रूस की ओर से बमबारी की जा रही है.

    बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि यूक्रेन के सैनिक अभी भी गोलाबारी का जवाब दे रहे हैं.

    हालाँकि रूस को रोकने के लिए युक्रेन लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों की मांग पश्चिम से कर रहा है.

    सेवरोदोनेत्स्क के गवर्नर ने चेतावनी दी है कि सेवरोदोनेत्स्क का पतन आसानी से नहीं होगा.

  3. तीन सगी बहनों के साथ सात ज़िंदगियां ख़त्म, आत्महत्या या हत्या?

    तीन बहन

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    एक खेत में सर्जिकल ग्लव्स और मास्क बिखरे पड़े हैं, नज़दीक ही खेत के किनारे एक कुआं है. जिसमें ऊपर से ही पानी नज़र आता है, लेकिन ये गहरा है. कुएं के बाहर की ज़मीन गीली है, जैसे कुछ ही देर पहले कुएं से पानी निकाल कर ज़मीन पर बिखेर दिया गया हो.

    29 मई दोपहर क़रीब डेढ़ बजे हमारे यहां पहुंचने से कुछ ही मिनट पहले इस कुएं से एक नवजात का शव निकाला गया है.

    यही वो कुआं है जहां से 28 मई की सुबह में 27, 23 और 20 साल की तीन सगी बहनों और 25 दिन और चार साल के उनके दो बच्चों के शव निकाले गए थे. जिनमें दो बहनें सात और नौ महीने की गर्भवती भी थीं. यह शव तीन दिन तक कुएं में ही पड़े रहे थे.

    जयपुर-अजमेर हाइवे पर जयपुर से क़रीब 65 किलोमीटर दूर दूदू फ्लाईओवर से कुछ मीटर ही आगे मीणाओं का मोहल्ला है. इसी मोहल्ले में दो गलियों बाद इन मृतक महिलाओं की ससुराल है. ससुराल से क़रीब दो किलोमीटर दूर ही एक खेत में वो कुआं है, जहां सात ज़िंदगियां एक साथ ख़त्म हो गईं.

  4. कैमरून में उग्रवादियों का गांव पर हमला, 20 लोगों की मौत

    कैमरून

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    कैमरून में संदिग्ध अलगाववादी उग्रवादियों ने नाइजीरिया की सीमा के पास एक गांव पर हमला किया है. हमले में 20 लोगों के मारे जाने की खबर है.

    स्थानीय मेयर का कहना है कि दक्षिण पश्चिम क्षेत्र में रविवार को छापेमारी के दौरान साठ से ज्यादा लोग घायल हुए हैं.

    मंगलवार को सेना ने बताया कि उसने एक किडनेप किए गए सीनेटर और कई बंधक बनाए गए लोगों को छुड़ाया है.

    सीनेटर एलिजाबेथ रेजिना मुंडी को पिछले महीने उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में पकड़ लिया गया था. यहां एंग्लोफोन अलगाववादियों ने फ्रांसीसी भाषी देश से अलग होने के लिए सशस्त्र अभियान चलाया है.

    इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप का कहना है कि 2017 से अब तक आतंकवादियों और सुरक्षाबलों के बीच संघर्ष में छह हजार से अधिक लोग मारे गए हैं और सात लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं.

  5. राज्यसभा चुनाव : बीजेपी की लिस्ट क्या कहती है...

    मुख़्तार अब्बास नक़वी

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    मंगलवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन भरने की आख़िरी तारीख़ है.

    10 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी की तरफ़ से जारी नामों की सूची में केंद्रीय मंत्री मुख़्तार अब्बास नक़वी का नाम नहीं है.

    बीजेपी के जानकारों को ये हैरान कर रहा है. उसी तरह से राजस्थान से घनश्याम तिवाड़ी का नाम भी चौंकाने वाला है.

    मंगलवार सुबह ही ज़ी मीडिया ग्रुप के चेयरमैन रहे सुभाष चंद्रा ने बीजेपी नेता वसुंधरा राजे सिंधिया से मुलाक़ात की और निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर राजस्थान से पर्चा भरा.

    इसके बाद चर्चा गरम है कि बीजेपी सुभाष चंद्रा का समर्थन करके राजस्थान में कांग्रेस के तीसरे उम्मीदवार के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है.

  6. रोहन बोपन्ना ने सात साल में पहली बार फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में बनाई जगह

    रोहन बोपन्ना

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    भारतीय टेनिस खिलाड़ी रोहन बोपन्ना ने सात साल में पहली बार ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल में जगह बनाई है.

    फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल में अपने डच पार्टनर मैटवे मिडेलकूप के साथ उन्होंने लॉयड ग्लासपूल और हेनरी हेलियोवारा को हराया है.

    भारत-डच की इस जोड़ी ने सोमवार रात कड़े मुकाबले में ब्रिटिश-फिनिश जोड़ी को 4-6, 6-4, 7-3 से हराकर पुरुष डबल्स के सेमीफाइनल में जगह बना ली है.

    बोपन्ना आखिरी बार 2015 में विंबलडन चैंपियनशिप में एक टेनिस मेजर के सेमीफाइनल में पहुंचे थे, तब वे रोमानिया के फ्लोरिन मर्जिया के साथ मिलकर जीन-जूलियन रोजर और होरिया टेकाउ से हारे थे.

    42 साल के बोपन्ना और 38 साल के मिडेलकूप का सामना गुरुवार को अंतिम चार में अरेवालो और जीन-जूलियन रोजर से होगा.

    बोपन्ना और मिडेलकूप ने शुरुआती सेट गंवा दिया था लेकिन अगले दो में जीत हासिल की.

    भारत-डच जोड़ी 3-5 से नीचे की लड़ाई को टाई-ब्रेक तक ले गई. इसके बाद जोड़ी फिर फिसली और 0-3 पर आई लेकिन सीधे टीम ने 10 अंक जीतकर वापसी की.

  7. अदालतों की ऑनलाइन सुनवाई से कैसे खुलीं उम्मीदों की खिड़कियां

    कोर्ट

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    एक मामले की सुनवाई के दौरान एक वकील के बिना शर्ट पेश होने से लेकर कार्यवाही के दौरान हुक्का पीने के नज़ारे तक- पिछले कुछ समय में कोर्ट की ऑनलाइन कार्यवाही ने कई बार लोगों को हँसने का मौक़ा दिया.

    लेकिन इसका सबसे सकारात्मक प्रभाव तो यही रहा कि वकीलों, पत्रकारों और नागरिकों को ऐसा होने से एक तरफ बड़ी सहूलियत हुई तो, दूसरी तरफ कोर्ट तक उनकी पहुंच बेहतर हुई.

    बार एंड बेंचवेबसाइट के सह संस्थापक शिशिर रुद्रप्पा का कहना है कि उन्होंने क़ानून से जुड़े मसलों के बारे में जानकारी देने वाले इस न्यूज़ वेबसाइट को इस उम्मीद में शुरू किया था कि, "एक दिन कोर्ट की ख़बरें अख़बारों के पहले पन्नों का बड़ा हिस्सा बनेंगी."

    बीते एक दशक में देश में स्मार्टफ़ोन का इस्तेमाल तो बढ़ा ही है और सोशल मीडिया का भी दायरा बढ़ा है. साथ ही 'लाइव लॉ' और 'बार एंड बेंच' जैसे क़ानून से जुड़े मसलों पर रिपोर्ट देने वाली न्यूज़ वेबसाइट ने लीगल रिपोर्टिंग को बदला है.

  8. उल्फा से माफी मांगने वाले मंत्री को हिमंत बिस्वा सरमा ने दी वॉर्निंग

    हिमंत बिस्वा सरमा

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    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने प्रतिबंधित संगठन उल्फा से माफी मांगने वाले मंत्री संजय किशन को चेताया है.

    शिवसागर ज़िले में संवाददाताओं से बात करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बीजेपी जैसी राष्ट्रवादी पार्टी में ऐसे बयान या ऐसी गतिविधियों के लिए कोई गुंजाइश नहीं है.

    उन्होंने कहा, "संजय किशन ने उल्फा से माफी मांग कर बड़ी गलती की है. मैंने उन्हें साफ़ शब्दों में कहा है कि भारतीय जनता पार्टी जैसे राष्ट्रवादी दल में ऐसे काम के लिए कोई जगह नहीं है."

    मुख्यमंत्री ने आगे कहा, "मैंने उन्हें चेताया है कि वो भविष्य में ऐसा कोई कदम नहीं उठाएं. मैंने उन्हें भारत की राष्ट्रीय एकता के लिए और आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ने की सलाह दी है."

    प्रतिबंधित संगठन उल्फा से माफी मांगने के लिए 28 मई को मुख्यमंत्री ने संजय किशन को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया था. संजय किशन के पास असम का श्रम कल्याण मंत्रालय भी है.

    मंत्री को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब देने के लिए उन्हें तीन दिनों का समय दिया गया था. इस नोटिस में संजय किशन से पूछा गया था कि उन्होंने उल्फा से माफी क्यों मांगी थी.

    संजय किशन असम विधानसभा में तिनसुकिया विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं. 13 मई को उन्होंने कहा था कि उल्फा (आई) के चीफ़ परेश बरुआ झूठे आदमी हैं.

    उल्फा ने अगले दिन संजय किशन से माफी मांगने के लिए कहा. उल्फा ने अपनी धमकी में कहा कि संजय किशन ने अगर 24 घंटों के भीतर माफी नहीं मांगी तो डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया में उनका बहिष्कार किया जाएगा.

    15 मई को संजय किशन ने प्रेस से कहा कि उनका इरादा परेश बरुआ को आहत करने का नहीं था और अगर उन्होंने ऐसा अनजाने में किया हो तो वे इसके लिए माफी मांगते हैं.

  9. आज का कार्टून: आवश्यकता है

    कार्टून

    नेताओं के पार्टियां बदलने पर आज का कार्टून.

  10. वित्त वर्ष 2021-22 में अनुमान से 4 हजार करोड़ रुपये कम रहा देश का राजकोषीय घाटा

    सांकेतिक तस्वीर

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    सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक 6.9 प्रतिशत के संशोधित बजट अनुमान की तुलना में साल 2021-22 में राजकोषीय घाटा, जीडीपी का 6.71 प्रतिशत रहा है.

    वित्त मंत्रालय ने फरवरी में घाटे का अनुमान करीब 15 लाख 91 हजार करोड़ लगाया था जो जीडीपी का 6.9 प्रतिशत था.

    2020-21 के आंकड़ों को बताते हुए महानियंत्रक (सीजीए) ने कहा कि ये घाटा 15 लाख 87 करोड़ रहा जो अनुमान से करीब चार हजार करोड़ कम था.

    आंकड़ों के अनुसार 17 लाख 65 हजार करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान के मुकाबले वित्त वर्ष के दौरान 18.2 लाख करोड़ रुपये की कर प्राप्तियां की गई.

    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, 1 फरवरी 2021 को संसद में पेश अनुमानित 37.7 लाख करोड़ के मुकाबले 37.94 लाख करोड़ कुल खर्च था. सीजीए का कहना है कि 2021-22 के लिए राजस्व घाटा 4.37 प्रतिशत था.

    आंकड़ों के जरिए सीजीए ने कहा कि 2022-23 के पहले महीने के दौरान राजकोषीय घाटा, चालू वित्त वर्ष के बजट अनुमान का 4.5 प्रतिशत है जो पिछले साल 5.2 प्रतिशत था.

    सरकार को इस वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा, जीडीपी का 6.4 प्रतिशत या कहें 16.61 लाख करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है.

  11. बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर', 31 मई 2022, सुनिए अंजुम शर्मा से

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  12. 'नस्ली शुद्धता पर स्टडी' से जुड़ी रिपोर्ट, राहुल गांधी की टिप्पणी पर संस्कृति मंत्रालय ने दिया जवाब

    संस्कृति मंत्रालय की भारतीयों की नस्ली शुद्धता का अध्ययन करने की योजना को लेकर जो रिपोर्ट अखबार में छपी थी उस पर राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, पिछली बार जब किसी देश के संस्कृति मंत्रालय ने देश में नस्ली शुद्धता का अध्ययन किया था तो उसका अंत अच्छा नहीं हुआ था. भारत नौकरी की सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि चाहता है न कि ‘नस्ली शुद्धता.’

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    28 मई को द न्यू इंडियन एक्सप्रेस ने 'भारतीयों की नस्ली शुद्धता का अध्ययन करेगा संस्कृति मंत्रालय' शीर्षक नाम से एक रिपोर्ट छापी थी.

    इस रिपोर्ट में कहा गया है कि संस्कृति मंत्रालय आनुवांशिक इतिहास की स्थापना और भारत में नस्लों की शुद्धता का पता लगाने के लिए डीएनए प्रोफाइलिंग किट और संबंधित अत्याधुनिक मशीनों को लेने की प्रक्रिया में है.

    रिपोर्ट छपने की तीन दिन बाद रिपोर्ट को भाम्रक, और तथ्यों के उलट बताया है.

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    संस्कृति मंत्रालय का कहना है, "ये प्रस्ताव आनुवांशिक इतिहास की स्थापना और भारत में नस्लों की शुद्धता का पता लगाने से संबंधित नहीं है जैसा कि लेख में बताया गया है."

  13. रूस की करेंसी रूबल ने कैसे पाबंदियों के बावजूद किया डॉलर का मुक़ाबला

    रूस

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    रूस की मुद्रा रूबल तमाम प्रतिबंधों और चुनौतियों के बावजूद इस साल डॉलर के मुक़ाबले दुनिया की सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन गई है.

    यूक्रेन पर हमले के बाद रूस आधुनिक इतिहास के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है.

    लेकिन रूबल को मजबूत से होने से पश्चिमी देशों की ये कार्रवाई भी नहीं रोक पाई.

    दो महीने पहले ये ऐसी बात थी जिसकी कल्पना करना मुश्किल था. डॉलर के सामने रूबल की हैसियत गिरकर एक सेंट से भी कम हो गई थी.

    लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ, और करेंसी मार्केट पर नज़र रखने वाले चौंक गए.

    वो सात मार्च की तारीख़ थी. डॉलर के मुक़ाबले रूबल ऐतिहासिक रूप से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई थी.

    तब एक डॉलर के मुक़ाबले रूबल 0.007 पर था. तब से डॉलर के मुक़ाबले रूबल की स्थिति में लगभग 15 फ़ीसदी सुधार हुआ है और अब ये 0.016 पर ट्रेड कर रहा है.

  14. चौथी तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई

    भारत

    मंगलवार को जारी हुए आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि 2021-22 की चौथी तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था में 4.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई है.

    इससे सालाना विकास दर बढ़कर 8.7 प्रतिशत हो गई है.

    हालांकि जनवरी-मार्च तक वृद्धि दर पिछली अक्टूबर-दिसंबर तिमाही से कम थी. अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में ये दर 5.4 प्रतिशत थी.

    राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आंकड़ों के अनुसार, 2020-21 में जनवरी से मार्च तक की जीडीपी में 2.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी.

    आंकड़ों के अनुसार, 2021-22 में भारतीय अर्थव्यवस्था में 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जो साल 2020-21 में 6.6 प्रतिशत थी.

    चीन ने 2022 के पहले तीन महीनों में 4.8 फीसदी की आर्थिक वृद्धि दर्ज की थी.

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  15. दिलीप घोष से क्यों नाराज़ है बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व,

    दिलीप घोष

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    बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व ने पश्चिम बंगाल के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष को मीडिया के सामने मुँह बंद रखने की नसीहत दी है.

    बीजेपी अध्यक्ष जे.पी.नड्डा के निर्देश पर पार्टी राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष घोष को भेजे पत्र में यह नसीहत दी है.

    यह पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. लेकिन दिलीप घोष ने कहा है कि उनको अभी पत्र नहीं मिला है. मिलने पर वे इसका जवाब देंगे.

    मंगलवार को अरुण सिंह ने घोष को वह पत्र भेजा है. उसमे कहा गया है कि आपको पहले भी कई बार चेताया गया है. लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ. आपकी टिप्पणियों से पार्टी की छवि ख़राब हो रही है. इस बारे में पूछने पर मेदिनीपुर के सांसद दिलीप ने पत्रकारों से कहा, ''मुझे अभी ऐसा कोई पत्र नहीं मिला है. मिलने पर उसका जबाव दूंगा.''

    हाल में दिलीप घोष लगातार कई ऐसी टिप्पणी करते रहे हैं जिनसे पार्टी की साख पर बट्टा लगा है.

    उन्होंने एक स्थानीय अख़बार के साथ बातचीत में कहा था कि बीते विधानसभा चुनाव में पार्टी को किन नेताओं को नुक़सान पहुँचाया, इस बारे में उन्होंने सबके नाम लेकर शीर्ष नेतृत्व को बताया था.

    उन्होंने कहा था कि पार्टी को बहुमत मिलने की स्थिति में अगर कहा जाता तो शायद मैं ही मुख्यमंत्री बनता.

    इससे पहले वे एक अन्य पूर्व अध्यक्ष तथागत राय के साथ भी सार्वजनिक तौर पर कहासुनी में उलझ गए थे. बीजेपी से तृणमूल में आने वाले नेताओं और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के बारे में उनकी टिप्पणियां भी शीर्ष नेतृत्व को नागवार गुजरी हैं.

    बीजेपी

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  16. ईरान पर परमाणु एजेंसी की खुफ़िया रिपोर्ट चोरी करने का आरोप

    इब्राहिम रईसी

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    इमेज कैप्शन, ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी

    मध्य-पूर्व के ख़ुफ़िया अधिकारियों और द वॉल स्ट्रीट जर्नल द्वारा समीक्षा किए गए दस्तावेजों के अनुसार ईरान ने क़रीब दो दशक पहले संयुक्त राष्ट्र परमाणु एजेंसी की ख़ुफ़िया रिपोर्ट हासिल कर ली थी. इसे शीर्ष अधिकारियों को भेजा गया था.

    इस ख़ुफ़िया रिपोर्ट की मदद से ईरान ने परमाणु हथियारों पर अपने संदिग्ध काम को छिपाने का काम किया है.

    अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी को परमाणु अप्रसार संधियों और 2015 के परमाणु समझौते के अनुपालन की निगरानी का काम सौंपा गया है.

    अमेरिका और आईएईए सालों से कह रहा है कि ईरान अपने परमाणु कार्यों के बारे में सवालों के जवाब देने में विफल रहा है और आज भी ये जारी है.

    26 मई को वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम दावोस में ईरान के विदेश मंत्री अमीर अब्दोल्लाहियान से पूछा गया कि आपने एजेंसी के ख़ुफ़िया दस्तावेजों की मदद से जांच करने वालों से जानबूझकर झूठ बोला है और परमाणु कार्य को छिपाने की कोशिश की है.

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    इसके जवाब में उन्होंने कहा कि इसराइल इस बारे में बहुत ज्यादा झूठ फैला रहा है.

    वहीं इसराइल के प्रधानमंत्री नेफ़्टाली बैनेट ने इसे लेकर एक ट्विटर पर एक वीडियो जारी की है. इसमें वे ईरान पर आरोप लगा रहे हैं कि ईरान ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के खुफिया दस्तावेज चुराने का काम किया है.

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    उनका कहना है कि इन दस्तावेजों की मदद से ईरान ने ये पता लगाया कि जांच कर रही एजेंसी को क्या चाहिए और उसी हिसाब से कहानियां बनाई गईं. इसकी मदद से ईरान ने अपने परमाणु प्रोग्राम को छिपाने और उनकी जांच से बचने में कामयाब रहा है.

    उन्होंने अपने पास उन दस्तावेजों के होने का दावा किया है जिसमें ईरान के इस प्लान के बारे में जानकारी है.

    नेफ़्टाली बेनेट का कहना है कि ईरान ने दुनिया से झूठ बोला है और अब भी बोल रहा है. दुनिया को ये तय करना होगा कि वो ऐसा ना कर पाए.

  17. योगी बोले- अखिलेश और राहुल में बहुत फ़र्क़ नहीं है, बस एक अंतर है

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    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सोमवार को विधानसभा में यूपी की शिक्षा व्यवस्था को लेकर योगी सरकार को निशाना साधते हुए एक वाक़ये का ज़िक्र किया था.

    अखिलेश यादव ने कहा था, ''जिस उत्तर प्रदेश से इतने लोग प्रधानमंत्री बने और लगातार यूपी की वजह से बीजेपी के प्रधानमंत्री बने. उस सरकार में दिल्ली और यूपी की शिक्षा में इतना फ़र्क़ है. प्राथमिक विद्यालय में मैं हमेशा जाता हूँ. एक बार नहीं, कई बार गया. जब मुख्यमंत्री था, तब भी गया. मैं अपनी कमी भी जानता हूँ. जब मैं एक स्कूल में गया और एक बच्चे से पूछा कि पहचाना मुझे? वो छोटा सा बच्चा बोला कि हाँ, पहचान लिया. मैंने पूछा कि कौन हूँ मैं? उसने कहा- आप राहुल गाँधी हैं.''

    अखिलेश यादव की यह बात सुन पूरा सदन हँसने लगा था. मुख्यमंत्री योगी भी देर तक हँसते रहे. हँसी थमने के बाद अखिलेश यादव ने कहा, ''इनकी सोच-समझ बिल्कुल ठीक है. मैं जानता हूँ कि ये किस बात पर हँस रहे हैं. इन्हें इस बात का दुख नहीं है कि यूपी नीचे से चौथे नंबर पर है. इन्हें ख़ुशी इस बात की है कि मैंने कांग्रेस पार्टी के नेता का नाम ले लिया. कमाल हैं आप लोग. आपकी सरकार किसने बना दी?''

    मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने अखिलेश यादव पर उसे बच्चे के वाक़ये का हवाला देते हुए चुटकी ली है. योगी आदित्यनाथ ने तंज़ करते हुए कहा, ''एक बच्चे ने नेता प्रतिपक्ष को राहुल गाँधी कहा था. बच्चे भोले-भाले होते हैं लेकिन मन के सच्चे होते हैं. जब बोला होगा तो सोच समझकर ही बोला होगा. फ़र्क़ बहुत ज़्यादा नहीं है. फ़र्क़ बस इतना है कि राहुल गांधी देश के बाहर देश की बुराई करते हैं और आप यूपी के बाहर उत्तर प्रदेश की बुराई करते हैं.''

    योगी ने कहा, ''प्रदेश में हर सरकार ने अपने-अपने हिसाब से काम किया है. काम वही सरकार करेगी जो समस्या से ज़्यादा समाधान के बारे में सोचती है. कोरोना महामारी आई तो हमलोग तैयारी में जुटे. लोग कहते थे कि 25 करोड़ की आबादी कैसे बचेगी लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार खड़ी हो गई और कोरोना को भी दुम दबाकर भागना पड़ा.''

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  18. मनी लॉन्ड्रिंग केस में 9 जून तक ईडी हिरासत में भेजे गए दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन

    सत्येंद्र जैन

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    दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को 9 जून तक के लिए प्रवर्तन निदेशालय की हिरासत में भेज दिया है.

    प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में गिरफ़्तार किया था.

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    समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें हवाला लेन-देन से जुड़े एक मामले के सिलसिले में गिरफ़्तार किया गया है.

    न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार, हवाला लेन-देन का ये मामला कोलकाता की एक कंपनी से जुड़ा है.

    ईडी ने दिल्ली में सत्येंद्र जैन से जुड़े ठिकानों पर सोमवार को छापेमारी की जिसके बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.

    दिल्ली के गृह और स्वास्थ्य विभाग के अलावा सत्येंद्र जैन के पास ऊर्जा, लोक निर्माण विभाग, उद्योग, शहरी विकास, बाढ़ और सिंचाई और जल संसाधन जैसे विभागों की जिम्मेदारी है.

    सीबीआई ने सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ 25 अगस्त, 2017 को पैसे के अवैध लेन-देन का मामला दर्ज किया था. इसी एफ़आईआर के आधार पर ईडी ने भी जैन के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया था. साल 2018 में ईडी ने इस केस के सिलसिले में उनसे पूछताछ भी की थी.

    ईडी का आरोप है कि सत्येंद्र जैन अपनी शेयर होल्डिंग वाली इन चार कंपनियों में निवेश किए गए पैसे का स्रोत नहीं बता सके

  19. मुझे कैसे पता चलता कि पुतिन हमला करने वाले हैं: इमरान ख़ान

    इमरान खान

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    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने सोमवार को ब्रिटिश न्यूज़ चैनल स्काई न्यूज़ को दिए इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें कैसे पता चलता कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन पर हमले का आदेश देने वाले हैं.

    इमरान ख़ान ने कहा कि उन्होंने रूसी हमले को कभी सही नहीं ठहराया है. स्काई न्यूज़ ने इमरान ख़ान से सवाल किया था कि वह रूस उस दिन पहुँचे, जिस दिन पुतिन ने यूक्रेन पर हमले का आदेश दिया था. इसी सवाल के जवाब में इमरान ख़ान ने यह बात कही थी.

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    इमरान ख़ान ने कहा कि वह रूस से गेहूँ, तेल और गैस को लेकर समझौता करना चाहते थे.

    स्काई न्यूज के एंकर ऑस्टिन ने इमरान खान से तालिबान की महिलाओं पर लाए क़ानून के बारे में भी सवाल किया. उन्होंने पूछा कि क्या आप चिंतित हैं कि तालिबान लड़कियों को स्कूल लौटने की अनुमति देने के अपने वादे से मुकर रहा है और अब मांग कर रहा है कि महिलाएं अपना चेहरा ढक लें.

    इस सवाल के जवाब में इमरान खान ने कहा, “मैं न तो ज़िम्मेदार हूँ और न ही तालिबान का प्रवक्ता हूँ.”

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    प्रोग्राम के होस्ट ने कहा कि पाकिस्तान ने तालिबान का समर्थन किया है और उसके लड़ाकों को पाकिस्तान में पनाह दी जा रही है.

    इसके जवाब में इमरान ख़ान ने कहा कि पाकिस्तान के ख़िलाफ़ बहुत ज्यादा दुष्प्रचार किया जा रहा है.

  20. ज़ी ग्रुप के चेयरमैन रहे सुभाष चंद्रा को उतारने के पीछे बीजेपी की रणनीति,

    सुभाष चंद्रा

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    राजस्थान में चार सीटों पर राज्यसभा चुनाव के लिए मंगलवार को पाँच उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है. तीन कांग्रेस, एक बीजेपी और एक बीजेपी समर्थित निर्दलीय के रूप में ज़ी मीडिया के मालिक रहे सुभाष चंद्रा हैं.

    सुभाष चंद्रा फ़िलहाल हरियाणा से राज्यसभा सांसद हैं, लेकिन उनका कार्यकाल समाप्त हो रहा है. निर्दलीय के रूप में सुभाष चंद्रा को उतारना भी बीजेपी की एक बड़ी रणनीति है.

    बीजेपी के कुल 71 विधायक हैं, जिनमें 41 विधायक बीजेपी उम्मीदवार घनश्याम तिवाड़ी को वोट करेंगे. बाक़ी 30 विधायक बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा को वोट करेंगे, फिर भी सुभाष चंद्रा को जिताने के लिए 11 वोट कम पड़ रहे हैं.

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    माना जा रहा है कि आरएलपी के तीन वोट सुभाष चंद्रा को मिलेंगे जबकि 13 में से कुछ निर्दलीय विधायक भी बीजेपी के समर्थित उम्मीदवार को वोट दे सकते हैं. अगर बीजेपी सुभाष चंद्रा को जिताने में कामयाब रहती है तो कांग्रेस को राज्यसभा में एक सीट का नुक़सान उठाना पड़ सकता है.कांग्रेस अपने पास 126 विधायक होने का दावा कर रही है. हालांकि विधायकों के क्रॉस वोटिंग का भी डर सता रहा है. कांग्रेस के 108, 13 निर्दलीय, दो बीटीपी, दो सीपीएम, एक आरएलडी विधायक के समर्थन का दावा है.

    सुभाष चंद्रा के मैदान में आने के बाद जहां पहले से ही कांग्रेस के तीन उम्मीदवारों की जीत तय मानी जा रही थी, वहीं अब कांग्रेस समर्थित विधायकों के वोट में सेंध लगने के डर ने ज़रूर कांग्रेस की चिंता बढ़ा दी हैं. चर्चा हैं कि कांग्रेस अब अपने समर्थित विधायकों की बाड़ाबंदी कर सकती है.राजस्थान से राज्यसभा के लिए कुल 10 सीट हैं, जिन पर सात बीजेपी और तीन कांग्रेस के सांसद हैं. चार सीटों पर चुनाव के बाद देखना होगा कि कौन राज्यसभा में अपनी सीटें बढ़ाने में कामयाब रहता है.

    रणदीप सिंह सुरजेवाला

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    कांग्रेस से रणदीप सिंह सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी ने नामांकन दाखिल किया है. इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और पीसीसी अध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा मौजूद रहे. राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर आईएएस डॉ जोगाराम को आवेदन प्रस्तुत किया.भाजपा से घनश्याम तिवाड़ी ने नामांकन दाखिल किया है. घनश्याम तिवाड़ी के प्रस्तावक पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया और नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया मौजूद रहे

    घनश्याम तिवाड़ी

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