गृह मंत्रालय का राज्यों से आग्रह, ‘66A के तहत मामले न करें दर्ज’

पिछले हफ़्ते सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर आश्चर्य जताया था कि छह साल पहले निरस्त हो चुके क़ानून के तहत अभी भी मामले कैसे दर्ज किए जा रहे हैं.

लाइव कवरेज

अनंत प्रकाश, प्रशांत चाहल and अपूर्व कृष्ण

  1. गृह मंत्रालय का राज्यों से आग्रह, ‘66A के तहत मामले न करें दर्ज’

    भारतीय सुप्रीम कोर्ट

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    इमेज कैप्शन, सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ़्ते इस मुद्दे पर चिंता जताई थी.

    केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया है कि वे रद्द की जा चुकी सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धारा 66ए के तहत मामले दर्ज न करें. इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने कहा है कि अगर केस दर्ज किए जा चुके हैं तो उन्हें तुरंत ही ख़त्म कर देना चाहिए.

    पिछले हफ़्ते सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर आश्चर्य जताया था कि छह साल पहले निरस्त हो चुके क़ानून के तहत अभी भी मामले कैसे दर्ज किए जा रहे हैं.

    इस धारा के तहत इंटरनेट पर अपमानजनक संदेश पोस्ट करने वाले व्यक्ति को जुर्माने के साथ तीन साल तक की जेल की सज़ा दी जा सकती थी.

    जस्टिस आरएफ़ नरीमन, जस्टिस केएम जोसेफ़ और जस्टिस बीआर गवई ने ग़ैर सरकारी संगठन पीपल्स यूनियन फ़ॉर सिविल लिबर्टीज़ (पीयूसीएल) की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस सिलसिले में केंद्र सरकार से जवाब मांगा था.

    सुप्रीम कोर्ट ने पीयूसीएल की तरफ़ से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट संजय पारिख से पूछा था, "क्या आपको ये हैरत की बात नहीं लगती? श्रेया सिंघल जजमेंट साल 2015 का है. ये वाकई आश्चर्यजनक है. जो कुछ चल रहा है, वो डराने वाला है."

    इस पर संजय पारिख ने बताया था कि साल 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को स्पष्ट रूप से ये निर्देश दिया था कि पुलिसकर्मियों को 24 मार्च, 2015 को दिए गए श्रेया सिंघल जजमेंट के बारे में जानकारी दी जाए.

    वहीं, केंद्र सरकार का पक्ष रखते हुए अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया था कि आईटी क़ानून को पढ़ते वक्त धारा 66ए वहां लिखी दिखाई देती है लेकिन फुटनोट (सबसे नीचे) ये जानकारी दी गई होती है कि ये प्रावधान ख़त्म कर दिया गया है.

    वेणुगोपाल ने कहा, "जब एक पुलिस अधिकारी केस रजिस्टर करता है तो वो ये धारा देखता है और बिना फुटनोट को देखे वो केस रजिस्टर कर लेता है. हम ये कर सकते हैं कि सेक्शन के बगल में ही कोष्ठक में ये लिख दें कि ये प्रावधान ख़त्म कर दिया गया है."

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  2. चीनी विदेश मंत्री से मिले एस जयशंकर, एलएसी से सटे इलाकों के मुद्दों पर हुई बात

    चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर

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    इमेज कैप्शन, चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर

    भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशान्बे में चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाक़ात की.

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से इस बैठक के बारे में जानकारी देते हुए लिखा है, “दुशान्बे में एससीओ देशों के बीच विदेश मंत्री स्तर की बैठक से इतर चीन के विदेश मंत्री एवं स्टेट काउंसलर वांग यी के साथ एक घंटे तक द्विपक्षीय बैठक पूरी हुई. ये बैठक एलएसी के साथ लगे पश्चिमी सेक्टर से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रही जिन पर एक लंबे समय से बात होनी थी.”

    "इस बैठक में रेखांकित किया गया है कि यथास्थिति का एकतरफा परिवर्तन स्वीकार्य नहीं है, और हमारे संबंधों के विकास के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति की पूर्ण बहाली एवं उसका कायम रहना आवश्यक है. हमारे बीच वरिष्ठ सैन्य कमांडर स्तर की बैठक जल्द बुलाने पर सहमति बनी."

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  3. कोलकाता हाईकोर्ट ने दिया नंदीग्राम चुनाव की ईवीएम सुरक्षित रखने का निर्देश, सुप्रीम कोर्ट गए शुभेंदु

    ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी

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    इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी

    प्रभाकर मणि तिवारी

    कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को चुनाव आयोग से कहा है कि जब तक नंदीग्राम मामले का निपटारा नहीं हो जाता है, तब तक उस सीट की ईवीएम, वीवीपैट, वीडियोग्राफी और तमाम संबंधित दस्तावेजों को सुरक्षित रखा जाए.

    अदालत ने कहा कि इस बारे में राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी और नंदीग्राम के रिटर्निंग ऑफिसर को नोटिस भेजा जाएगा.

    इसके साथ ही याचिकाकर्ता यानी ममता बनर्जी को सुनवाई के दौरान हाज़िर रहने से छूट दे दी गई है. न्यायमूर्ति शंपा सरकार ने यह निर्देश दिए हैं.

    इसी बीच, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम मामले से जुड़ी ममता बनर्जी की याचिका पर सुनवाई को कोलकाता हाईकोर्ट से हटाकर किसी अन्य हाईकोर्ट में शिफ़्ट कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है.

    कोलकाता हाईकोर्ट

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    बुधवार को मामले की सुनवाई शुरू होने पर ममता के वकील सोमेंद्रनाथ मुखर्जी ने सुनवाई के दौरान ममता के हाजिर रहने का मुद्दा उठाया.

    इससे पहले 24 जून को सुनवाई के दौरान ममता वर्चुअली मौजूद थीं. इस पर जज ने कहा कि आगे से ममता के लिए मौजूद रहना जरूरी नहीं है.

    न्यायमूर्ति ने इस मामले में नंदीग्राम सीट से जीतने वाले बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी को नोटिस भेजने का निर्देश दिया.

    इस मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी.

    ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट के नतीजे को चुनौती देते हुए बीते महीने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी.

    पहले यह मामला जज कौशिक चंद की पीठ के सामने आया था. लेकिन ममता ने इस मामले में जज बदलने की मांग की थी. उसके बाद न्यायमूर्ति कौशिक चंद ने इस मामले से हटने का फैसला किया. लेकिन साथ ही न्याय प्रणाली की छवि धूमिल करने के आरोप में ममता पर पांच लाख का जुर्माना लगाया.

    पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम सीट पर ममता शुभेंदु से 1956 वोटों के अंतर से हार गई थी. उन्होंने उसी समय वोटों की गिनती पर सवाल उठाते हुए नतीजे को अदालत में चुनौती देने की बात कही थी.

  4. दिनभर सुनिए

  5. जॉर्ज बुश ने अफ़ग़ानिस्तान से नेटो सेना की वापसी को बताया 'ग़लती'

    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश

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    इमेज कैप्शन, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश

    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने अफ़ग़ानिस्तान से नैटो सेनाओं की वापसी को एक ग़लती करार दिया है.

    जर्मन न्यूज़ प्रसारक डॉयचे वैले से बात करते हुए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बुश ने कहा, “अफ़ग़ान महिलाएं और लड़कियां अकथनीय क्षति का सामना करने जा रही हैं. ये एक ग़लती है. क्योंकि इसके बहुत बुरे परिणाम सामने आएंगे. मैं बहुत दुखी हूं. मैंने और लौरा ने अफ़ग़ान महिलाओं के साथ लंबा समय गुज़ारा है और वे इस समय डरी हुई हैं.''

    ''मैं दुभाषियों समेत उन सभी लोगों के बारे में सोचता हूं जिन्होंने सिर्फ अमेरिका ही नहीं नैटो सेनाओं की भी मदद की है. ऐसा लगता है कि वे लोग इन बेहद बर्बर लोगों (तालिबान) द्वारा मार दिए जाने के लिए अकेले रह जाएंगे.”

    पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के कार्यकाल में ही अमेरिका ने वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के बाद अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध की शुरुआत की थी.

    11 सितंबर 2001 को वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हुए हमले में क़रीब तीन हज़ार लोग मारे गए थे. इसके कुछ समय बाद चरमपंथी संगठन अल-क़ायदा ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली.

    लेकिन अफ़ग़ानिस्तान में मौजूद चरमपंथी संगठन तालिबान ने उस वक़्त ओसामा बिन लादेन को अमरीका को सौंपने से इनकार कर दिया था.

    इसके एक महीने बाद अमरीका ने अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ हवाई हमला शुरू कर दिया. अमरीका समेत दूसरे देशों के इस लड़ाई से जुड़ने के बाद तालिबान को अफ़ग़ानिस्तान की सत्ता से हटना पड़ा था.

  6. अफ़ग़ानिस्तानः तालिबान ने पाकिस्तान सीमा पर लगाया अपना झंडा

    सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीरें.

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    इमेज कैप्शन, सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही तस्वीरें. बीबीसी इस तस्वीर की पुष्टि नहीं कर सकता.

    अफ़ग़ानिस्तान से ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि तालिबान ने पाकिस्तान की एक अहम सीमा चौकी पर अपना झंडा लहरा दिया है और दावा किया है कि वहाँ अब उनका नियंत्रण है.

    सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे वीडियो में दिख रहा है कि कंधार के पास स्पिन बोल्डक सीमा के ऊपर सफ़ेद झंडा लहरा रहा है.

    अफ़ग़ान शहर स्पिन बोल्डक और पाकिस्तान के चमन शहर के बीच स्थित ये चौकी दोनों देशों के बीच दूसरी व्यस्ततम चौकी है. इस रास्ते से रोज़ाना लगभग 900 ट्रक गुज़रते हैं.

    हालाँकि, अफ़ग़ान अधिकारी इस चौकी के हाथ से जाने से इनकार कर रहे हैं. मगर सोशल मीडिया पर तस्वीरों में दिख रहा है कि चरमपंथी पाकिस्तानी सीमा प्रहरियों से बात कर रहे हैं.

    बीबीसी को मिली जानकारी के अनुसार तालिबान ने ये चौकी बिना किसी विरोध के क़ब्ज़े में ले ली.

    तालिबान ने हाल के हफ़्तों में अफ़ग़ानिस्तान में तेज़ी से कई इलाकों पर अपना प्रभाव बढ़ा लिया है और कई चौकियों को अफ़ग़ान सुरक्षाबलों से छीन लिया है.

    वो अब तक ईरान, ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान की सीमा पर प्रमुख चौकियों पर क़ब्ज़ा कर चुके हैं. अफ़ग़ान सुरक्षाबलों को लड़ाई के बाद सीमा पार कर पड़ोसी देशों में भागना पड़ा.

  7. ज्योतिरादित्य सिंधिया 'बिकाऊ', बोले छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल

    ज्योतिरादित्य सिंधिया

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    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपनी पार्टी के पुराने सहयोगी और मोदी सरकार में नए नागरिक विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर हमला करते हुए उन्हें 'बिकाऊ' कहा है.

    नागपुर में एक प्रेस वार्ता में बघेल ने कहा, "वो एयर इंडिया को बेचने जा रहे हैं और अब वो मंत्रालय सिंधिया को दे दिया है. एयर इंडिया का लोगो महाराज है. दोनों ही बिकाऊ हैं. एक की नीलामी होगी और दूसरे को इसे बेचने की ज़िम्मेदारी दे दी गई है."

    भूपेश बघेल

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    इमेज कैप्शन, भूपेश बघेल

    पिछले साल कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिछले सप्ताह मंत्री बनने के बाद से कांग्रेस नेता उनपर लगातार कटाक्ष कर रहे हैं.

    सिंंधिया के पदभार ग्रहण करने के बाद मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश पार्टी अध्यक्ष कमल नाथ ने भी उनपर ज़बानी हमला किया था.

    कमल नाथ ने कहा था- "ये बीजेपी और सिंधिया के बीच का मामला है. वो ख़ुश रहें. अब आगे गाड़ी कैसे चलती है वो देखा जाएगा."

  8. चीन ने तालिबान को किस बात पर दी चेतावनी

    चीनी विदेश मंत्री वांग यी

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    इमेज कैप्शन, चीनी विदेश मंत्री वांग यी

    चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अफ़ग़ानिस्तान में तेजी से बदलते हालातों पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में गृह युद्ध से बचना चाहिए और तालिबान को सभी आतंकी गुटों से अपने संबंध तोड़ लेने चाहिए.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, वांग यी ने ये बात ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन के साथ राजधानी दुशान्बे में मीडिया को एक साझा बयान जारी करते हुए कही.

    वांग यी ने अफ़ग़ानिस्तान सरकार पर भी टिप्पणी करते हुए कहा है कि अशरफ गनी सरकार ने अफ़ग़ानिस्तान में राष्ट्रीय एकता, सामाजिक संतुलन और लोगों की रोज़ी-रोटी को बेहतर बनाया है और इसका उचित मूल्यांकन किया जाना चाहिए.

    तालिबान

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    चीन ने क्यों दिया ये बयान?

    अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर नज़र रखने वाले पर्यवेक्षक मानते हैं कि चीन तालिबान के हालिया बयानों को गंभीरता से नहीं लेता है जिनमें उसने चीन को एक दोस्त की संज्ञा दी है. चीन इस समय चरमपंथी संगठन 'ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट' के सैकड़ों लड़ाकों के अफ़ग़ानिस्तान में संगठित होने की ख़बरों को लेकर परेशान है.

    ये लड़ाके अफ़ग़ानिस्तान में मुख्यत: बदख़्शान प्रांत में एकजुट हो रहे हैं जिसकी चीन के शिनजियांग प्रांत से 90 किलोमीटर लंबी सीमा है.

    संयुक्त राष्ट्र की एक हालिया रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि हुई है कि बदख़्शान इलाके और पड़ोसी प्रांतों में सैकड़ों ईटीआईएम सदस्य मौजूद हैं.

    चीन की चिंता ये है कि ये लड़ाके एक संकरे वाख़न कॉरिडोर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर या केंद्रीय एशियाई देशों से होते हुए शिनजियांग प्रांत में प्रवेश कर सकते हैं.

    ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट संगठन वीगर मुसलमानों की बहुसंख्यक आबादी वाले शिनजियांग प्रांत में एक विद्रोह खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं. शिनजियांग प्रांत की सीमा पाक अधिकृत कश्मीर और ताजिकिस्तान से भी लगती है.

    पर्यवेक्षक मानते हैं कि चीनी सरकार की ओर से की गयी कार्रवाई ने शिनजियांग प्रांत में रहने वाले मूल उइगर मुसलमानों में चीन के प्रति एक कड़े विरोध को जन्म दिया है.

    इस वजह से अमेरिका, यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं ने चीन पर नरसंहार करने का आरोप लगाया है.

    इसी बीच चीन ने पिछले हफ़्ते अपने 210 नागरिकों को अफ़ग़ानिस्तान से बाहर निकाला है.

    तालिबान प्रवक्ता सुहेल शाहीन

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    क्या कहता है तालिबान

    तालिबान के प्रवक्ता सुहेल शाहीन ने चीन की चिंताओं को निराधार बताते हुए कहा है कि उनका संगठन चीन को एक दोस्त के रूप में देखता है. और वह जल्द ही चीन से अफ़ग़ानिस्तान में पुनर्निर्माण के कार्यों में निवेश करने के लिए कहने वाला है.

    शाहीन ने ये भी कहा है कि तालिबान चीन के वीगर अलगाववादी लड़ाकों को अफ़ग़ानिस्तान में घुसने की इजाज़त नहीं देगा. हालांकि, वे पहले अफ़ग़ानिस्तान में शरण पाते रहे हैं.

    उन्होंने ये भी कहा है कि तालिबान अल-क़ायदा समेत दूसरे चरमपंथी समूहों को भी अफ़ग़ानिस्तान में सक्रिय नहीं होने देगा.

    लेकिन जर्मन मार्श फंड से जुड़े एक विशेषज्ञ एंड्र् स्मॉल की मानें तो तालिबान चाहें कितनी भी सुंदर भाषा में चीन के प्रति सकारात्मक बयान दे दे लेकिन चीन अफ़ग़ानिस्तान की ज़मीनी सुरक्षा स्थितियों को लेकर चिंतित बना रहेगा.

  9. ब्राज़ील के राष्ट्रपति भारत से कोवैक्सीन की डील में फंसे?

    वीडियो कैप्शन, Cover Story: ब्राज़ील के राष्ट्रपति बोल्सोनारो कोवैक्सीन डील में फंसे?

    दक्षिण अमेरिकी देश ब्राज़ील कोरोना महामारी की शुरुआत से ही चर्चा में है. पूरी दुनिया में संक्रमण फैलने के बावजूद ब्राज़ील के राष्ट्रपति ज़ायर बोल्सोनारो कई महीनों तक कोरोना वायरस को ख़ारिज करते रहे.

    आज दुनिया के देश अपनी ज़्यादा से ज़्यादा आबादी को टीका लगाने में जुटे हैं, वहीं ब्राज़ील में इसकी रफ़्तार धीमी है.

    और इसकी वजह बताई जाती है बोलसोनारो की वैक्सीन नीति, जिसके तार भारत से भी जुड़े हैं.

  10. चीन जापान पर भड़का, बोला- बेबुनियाद आरोप लगाता जा रहा है

    चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजियान

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    चीन ने जापान के श्वेत पत्र में उसे लेकर जताई गई चिंता पर नाराज़गी जताते हुए कहा है कि वो पिछले कुछ समय से चीन की सामान्य रक्षा गतिविधियों को लेकर बेबुनियाद आरोप लगाता जा रहा है.

    चीने के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता चाओ लिजियान ने कहा- "चीन के आंतरिक मामलों मे दख़ल देना, उसके सामान्य सैन्य निर्माण और गतिविधियों पर आरोप लगाना, उसके क़ानूनी नौसैनिक गतिविधियों के ख़िलाफ़ बयान देना और इस तथाकथित चीन के ख़तरे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना बिल्कुल ग़लत और ग़ैर-ज़िम्मेदार हरकत है. चीन इसका कड़ा विरोध करता है."

    मंगलगवार को जापान ने रक्षा क्षेत्र की स्थिति पर जारी किए गए वार्षिक श्वेत पत्र में श्वेत पत्र में चीन को जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ी चिंता बताया था.

    इसमें कहा गया कि ताइवान के आस-पास बढ़ते सैन्य तनाव के साथ-साथ अमेरिका और चीन के बीच चल रही आर्थिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धा के कारण पूर्वी एशिया की शांति और स्थिरता को ख़तरा पहुंचा है.

    उसने कहा कि ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि इस क्षेत्र में शक्ति का संतुलन चीन की तरफ़ झुक गया है.

    मंगलवार को प्रधानमंत्री योशिहिडे सुगा की सरकार ने इस रक्षा दस्तावेज़ को मंज़ूरी दी.

    ताइवान के आस-पास चीन की सैनिक गतिविधियों जापान की परेशानियां बढ़ गई हैं क्योंकि जापानी द्वीप समूह के पश्चिमी सिरे पर ओकीनावा द्वीपों की श्रृंखला है, जो ताइवान के करीब पड़ता है.

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इसी महीने ताइवान और चीन के एकीकरण को पूरा करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

    जून में जब एक अमेरिका ने चीन और ताइवान को अलग करने वाले ताइवान की खाड़ी में एक युद्धपोत भेज दिया तो शी जिनपिंग ने अमेरिका की आलोचना की थी.

    जापान के उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री तारो आसो ने इसी महीने एक भाषण में कहा था कि ताइवान पर हमला होने की सूरत में उसे बचाने के लिए जापान और अमेरिका को मिलकर कदम उठाना चाहिए.

    हालांकि चीन ने उनके इस बयान की आलोचना की थी जिसके बाद तारो आसो ने कहा कि ताइवान को लेकर कोई भी विवाद बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए.

  11. केंद्रीय कर्मचारियों का महँगाई भत्ता बहाल, 17% से बढ़कर अब 28%

    केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर लगी रोक हटा ली है. पिछले साल कोरोना महामारी की वजह से इसपर रोक लगा दी गई थी.

    केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कैबिनेट के फ़ैसले की जानकारी देते हुए कहा," केंद्र के कर्मचारियों को डियरनेस अलाउंस (DA) और पेंशनर को डियरनेस रिलीफ की बहाली करने पर निर्णय लिया गया है, अब DA की दर को 17% से बढ़ाकर 28% की जाएगी. इसे 1 जुलाई 2021 से लागू किया जाएगा."

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  12. स्वास्थ्य मंंत्री मांडविया ने वैक्सीन आलोचकों को दिया जवाब, कहा- नेताओं को कुछ अता-पता नहीं

    मनसुख मांडविया

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    मोदी सरकार में पिछले सप्ताह स्वास्थ्य मंत्रालय का प्रभार लेनेवाले मंत्री मनसुख मांडविया ने वैक्सीन आपूर्ति को लेकर हो रही आलोचनाओं का जवाब दिया है.

    स्वास्थ्य मंत्री ने बुधवार को कई ट्वीट किए. इनमें से एक में उन्होंने लिखा- "मीडिया में भ्रम व चिंता पैदा करने वाले बयान देने वाले नेताओ को इस बात पर आत्मनिरीक्षण करने की जरूरत है क्या उन्होने शासन प्रक्रिया व इससे सबंधित जानकारियों से इतनी दूरी बना ली है कि वैक्सीन आपूर्ति के संदर्भ में पहले से ही दी जा रही जानकारियों का उन्हें कोई अता-पता नहीं है."

    एक और ट्वीट में उन्होंने कहा- "वैक्सीन की उपलब्धता के संदर्भ में मुझे विभिन्न राज्य सरकारों और नेताओं के बयान एवं पत्रों से जानकारी मिली है. तथ्यों के वास्तविक विश्लेषण से इस स्थिति को बेहतर ढंग से समझा जा सकता है। निरर्थक बयान सिर्फ लोगों में घबराहट पैदा करने के लिए किए जा रहे हैं."

    एक दिन पहले ही कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने टीकाकरण पर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए स्वास्थ्य मंत्री से जवाब माँगा था.

    चिदंबरम ने पूछा था- "वैक्सीन की कमी एक सच्चाई है. वैक्सीन उत्पादन अतिशयोक्ति है. वैक्सीन आयात एक रहस्य है. दिसंबर 2021 तक पूरी वयस्क आबादी का टीकाकरण, खाली जुमला है. क्या नए स्वास्थ्य मंत्री@mansukhmandviyaटीकाकरण कार्यक्रम के बारे में देश को बताएंगे?."

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  13. ब्रेकिंग न्यूज़, तालिबान का दावा- पाकिस्तान सीमा के अहम रास्ते पर हमारा कब्ज़ा

    स्पिन बोल्डक में तालिबान

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    इमेज कैप्शन, स्पिन बोल्डक में तालिबान

    तालिबान लड़ाकों ने पाकिस्तान की सीमा पर स्थित अफ़ग़ान चौकियों को अपने कब्ज़े में लेने का दावा किया है.

    बीबीसी पश्तो सेवा के अनुसार, तालिबान ने कहा है कि उसने दक्षिणी कंधार प्रांत में डूरंड लाइन पर स्थित स्पिन बोल्डक ज़िले, स्थानीय व्यापार मार्ग और बाज़ारों पर कब्ज़ा कर लिया है.

    बीबीसी ने बार-बार कंधार और क़ाबुल में अफ़ग़ान सरकार के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है.

    हालांकि, इस क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि सड़क और बाज़ारों पर अब तालिबान का कब्ज़ा है.

    समाचार एजेंसी रॉयटर्स से बातचीत में तालिबान के एक प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि ‘मुजाहिदीनों ने कंधार में अफ़ग़ानिस्तान सीमा पर स्थित एक महत्वपूर्ण शहर को कब्ज़े में ले लिया है.’

    तालिबान

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    तालिबान के स्पिन बोल्डक पर कब्ज़ा करने के बाद, पाकिस्तान ने इस क्षेत्र की ओर जाने वाली सड़क बंद कर दी है.

    तालिबान के प्रवक्ता क़ारी यूसुफ़ अहमदी ने कहा है कि वो व्यापारियों और स्थानीय लोगों को यह भरोसा दिलाना चाहेंगे कि पाकिस्तानी पक्ष के साथ एक समझौता होने के बाद, यातायात और माल की आवाजाही सामान्य हो जायेगी.

    पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में तोरखम के बाद, स्पिन बोल्डक-चमन रूट पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच व्यापार और परिवहन के लिहाज़ से सबसे व्यस्त मार्गों में से एक रहा है और सीमा पर स्थित इस क्षेत्र के बाज़ारों के आस-पास, दोनों ओर हज़ारों लोगों के घर भी हैं.

    अफ़ग़ान सरकार के आधिकारिक डेटा के अनुसार, हर रोज़ इस बॉर्डर चौकी से पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच 900 ट्रक गुज़रते हैं जो ईरान समेत मध्य एशिया के अन्य देशों तक जाते हैं.

    तालिबान लगातार सीमा पर स्थित अफ़ग़ान चौकियों को अपने कब्ज़े में ले रहा है ताकि वो अपनी जेबें भर सके और जो अफ़ग़ान सरकार को कमज़ोर कर सके.

  14. ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तान में बस दुर्घटना, 9 चीनी नागरिकों समेत 13 की मौत

    पाकिस्तान

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    पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत के अधिकारियों का कहना है कि डासू क्षेत्र में एक बस दुर्घटना में 9 चीनी नागरिकों समेत कम-से-कम 13 लोगों की मौत हो गई है. 27 चीनी नागरिक घायल हैं. मृतकों में दो पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी और दो आम नागरिक शामिल हैं.

    कोहिस्तान के डिप्टी कमिश्नर आरिफ़ ख़ान यूसुफ़ज़ई ने बीबीसी को बताया कि शुरूआती जानकारी से पता चल रहा है कि ये दुर्घटना थी ना कि कोई धमाका या चरमपंथी गतिविधि.

    उन्होंने बताया कि ये एक ख़तरनाक रास्ता है जिसपर पहले भी हादसे होते रहे हैं.

    हालाँकि समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के हवाले से बताया है कि चीनी इंजीनियरों को ले जा रही बस में एक 'बड़ा विस्फोट' हुआ था.

    एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम ना ज़ाहिर करने की शर्त पर एजेंसी को बताया कि “विस्फोट के बाद बस गहरी खाई में गिर गई जिसकी वजह से बस पूरी तरह तहस-नहस हो गई. इस घटना में एक चीनी इंजीनियर और एक सैनिक लापता हैं. बचाव कार्य जारी है और स्थानीय प्रशासन की कोशिश है कि घायलों को जल्द से जल्द चिकित्सकीय सुविधा मिले.”

    अधिकारी के अनुसार, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका कि विस्फोट सड़क के किनारे लगे किसी उपकरण की वजह से हुआ या बस के भीतर ही विस्फोटक फिट किया गया था.

    हज़ारा क्षेत्र के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ये बस 30 चीनी इंजीनियरों को डासू डैम (डासू बांध) तक ले जा रही थी, जो अपर कोहिस्तान में स्थित है.

    ये बांध (हाइड्रो-इलेक्ट्रिक) परियोजना चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का हिस्सा है.

    इस बांध परियोजना में पाकिस्तान और चीन के लोग मिलकर काम कर रहे हैं.

  15. तालिबान और अफ़ग़ान सरकार की जंग में अब आगे क्या होगा?

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  16. मानसून सत्र 19 से, क्या राहुल गांधी लोकसभा में पार्टी का नेता बनने को तैयार होंगे?

    राहुल गांधी

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    संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई से शुरू हो रहा है और कांग्रेस के सामने फ़िलहाल सबसे बड़ा सवाल ये है कि सदन में पार्टी के नेता की ज़िम्मेदारी क्या राहुल गांधी संभालेंगे?

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सत्र से पहले बुधवार को पार्टी की संसदीय रणनीति समूह की एक बैठक होने वाली है जिसकी अध्यक्षता पार्टी प्रमुख सोनिया गांधी करेंगी.

    बैठक में राहुल गांधी, लोकसभा में पार्टी नेता अधीर रंजन चौधरी और राज्यसभा में नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा दोनों सदनों में पार्टी के उप-नेता आनंद शर्मा और गौरव गोगोई शामिल हो सकते हैं.

    ऐसी चर्चा है कि आगामी संसद सत्र में कांग्रेस पार्टी अधीर रंजन चौधरी की जगह किसी दूसरे नेता को सदन में पार्टी का नेता बना सकती है. लेकिन क्या वो राहुल गांधी होंगे? ये सवाल अब भी बना हुआ है.

    कुछ कांग्रेसी नेता कह चुके हैं कि राहुल गांधी को पार्टी की कमान से दूरी बनाये रखने की ‘ज़िद’ छोड़नी चाहिए और पार्टी के अध्यक्ष पद पर लौटना चाहिए.

    वहीं, कांग्रेस नेता मनीष तिवारी, रवनीत बिट्टू, शशि थरूर, गौरव गोगोई और उत्तम रेड्डी को संसद में पार्टी का नेता बनाये जाने की चर्चा लगातार होती रही है, वो भी इस उम्मीद के साथ कि अंत में राहुल गांधी ही पार्टी की कमान संभाल लेंगे.

    हालांकि, कांग्रेस पार्टी से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर अब भी राहुल गांधी इसके लिए तैयार नहीं हुए, तो सदन में विपक्ष के नेता की ज़िम्मेदारी राजनीतिक परिस्थिति और आगामी चुनावों को देखते हुए पंजाब के किसी नेता को सौंपी जा सकती है.

    संसद का मानसून सत्र 19 जुलाई से 13 अगस्त तक चलना है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, मानसून सत्र से पहले रविवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है.

    सूत्रों के हवाले से समाचार एजेंसी ने लिखा है कि संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं को इस बैठक के लिए आमंत्रित किया है. इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की संभावना है.

    सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चलना सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की सर्वदलीय बैठकें सत्र आरंभ होने से पहले बुलाई जाती हैं.

  17. चीन में होटल ढहा, 17 की मौत

    चीन

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    चीन में शंघाई के पास के शहर सुज़ू में एक होटल के ढहने से कम-से-कम 17 लोगों की मौत हो गई है. हादसे के 36 घंटे बाद बचावकर्मियों ने मलबे से शवों के साथ छह और लोगों को जीवित निकाला.

    ग्लोबल टाइम्स अख़बार के मुताबिक़ शुरूआती जाँच से पता चला है कि होटल के मालिक़ ने इमारत के ढाँचे में बदलाव किया था जिससे ये हादसा हुआ.

    बताया जा रहा है कि जियांग्सू प्रांत में स्थित इस होटल में हाल के वर्षों में कई बार बदलाव किए गए.

    एक स्थानीय निवासी ने रेड स्टार न्यूज़ को बताया- इस होटल में पहले केवल तीन मंज़िल थी, मगर वो पिछले कुछ सालों में इसमें लगातार और मंज़िलें जोड़ते चले गए.

    हादसा सोमवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे हुआ.

    बचाए गए छह लोगों में से पाँच की हालत स्थिर है. छठे व्यक्ति को कोई चोट नहीं लगी.

    चीन में इसके पहले भी ऐस हादसे हुए हैं जिनके लिए ख़राब निर्माण कार्य को ज़िम्मेदार समझा जाता है.

  18. ब्रेकिंग न्यूज़, योगी सरकार को काँवड़ यात्रा जारी रखने पर सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस

    सुप्रीम कोर्ट

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    सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को कोरोना महामारी के बीच काँवड़ यात्रा की अनुमति देने के फ़ैसले पर नोटिस जारी करते हुए उससे जवाब माँगा है.

    मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए न्यायाधीश रोहिंटन एफ़ नरीमन की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा है कि इस बारे में शुक्रवार 16 जुलाई को सुनवाई होगी.

    योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को कोविड दिशानिर्देशों का पालन करते हुए राज्य में 25 जुलाई से काँवड़ यात्रा निकालने की अनुमति दे दी थी.

    इसके कुछ ही घंटे बाद उत्तराखंड सरकार ने कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष भी काँवड़ यात्रा को रद्द कर दिया.

    इस वर्ष उत्तराखंड सरकार के महाकुंभ को जारी रखने के फ़ैसले को लेकर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था जिसके बाद कोरोना की दूसरी लहर से देश के कई राज्यों में हाहाकार मच गया था.

  19. अफ़ग़ानिस्तान में ‘सिल्क रूट’ के अहम हिस्से में सड़क क्यों बना रहा है चीन?

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  20. तालिबान की धमकी- अफ़ग़ान सैनिक आत्मसमर्पण करें

    तालिबान

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    अफ़ग़ानिस्तान के एक वरिष्ठ बाग़ी नेता ने कहा है कि तालिबान शहरों में अफ़ग़ान सैनिकों से लड़ाई नहीं लड़ना चाहता, बल्कि वो उन्हें आत्मसमर्पण करते देखना चाहता है.

    समाचार एजेंसी एएफ़पी ने अपनी रिपोर्ट में इसका ज़िक्र किया है.

    बताया गया है कि इस बीच तालिबान नेताओं ने तुर्की को भी चेतावनी दी है कि वो अफ़ग़ानिस्तान में अपनी सेना की उपस्थिति ना बढ़ाये.

    कट्टरपंथी इस्लामी समूह ‘तालिबान’ने अफ़ग़ानिस्तान के अधिकांश इलाक़े पर कब्ज़ा कर लिया है. विदेशी सैनिकों के लौटने के बाद, तालिबान ने बहुत तेज़ी से अपने कब्ज़े वाले क्षेत्र का विस्तार किया है.

    अफ़ग़ानिस्तान

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    अफ़ग़ानिस्तान के कुछ ही शहर अब अफ़ग़ान सेना के पास रह गये हैं और इन इलाक़ों में भी सुविधा का सामान सिर्फ़ हवाई जहाज़ों के ज़रिये पहुँचाया जा रहा है.

    तालिबान के प्रवक्ता आमिर ख़ान मुत्ताकी ने इस बीच एक संदेश दिया है कि “अब लड़ाई पहाड़ों और रेगिस्तानी इलाक़ों से शहरी इलाक़ों तक पहुँच गई है, लेकिन मुजाहिदीन (तालिबान लड़ाके) शहरों के अंदर लड़ाई नहीं चाहते. इसलिए ये बेहतर होगा कि बातचीत का कोई चैनल बनाया जाये, ताकि शहरों को नुक़सान से बचाया जा सके.”

    ये तालिबान की एक जानी-पहचानी तरक़ीब रही है कि ज़िला मुख्यालयों और शहरों को चारों ओर से घेरकर, उन्हें काट दिया जाये और फिर कुछ वरिष्ठ लोगों से मध्यस्थता करवाई जाये. तालिबान ने 1990 के दशक में भी, पहली बार सत्ता में आने के लिए यही किया था.

    मुत्ताकी के इस ताज़ा बयान के बाद, क़ाबुल पुलिस के प्रवक्ता फ़िरदौस फारामुर्ज़ ने बताया कि क़ाबुल शहर के बीचोंबीच एक बम धमाका हुआ जिसमें 4 अफ़ग़ान नागरिकों की मौत हो गई और पाँच लोग जख़्मी हुए.

    तालिबान

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    मुत्ताकी का बयान, अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्री द्वारा जारी किये गए एक आधिकारिक वक्तव्य के बाद आया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अफ़ग़ान सैनिकों ने कई दिनों के कड़े संघर्ष के बाद एक महत्वपूर्ण शहर को तालिबान के कब्ज़े से छुटा लिया है.

    एएफ़पी की रिपोर्ट के अनुसार, अफ़ग़ानिस्तान के बदघिस प्रांत में पिछले सप्ताह तालिबान और अफ़ग़ान सेना के बीच काफ़ी लड़ाई हुई थी.

    मंगलवार को एक अन्य बयान में तालिबान ने ये भी कहा कि क़ाबुल एयरपोर्ट को सुरक्षा देने के लिए अपनी सेना की मौजूदगी को लेकर तुर्की दोबारा विचार करे.

    ख़बरों के अनुसार, क़ाबुल एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर अमेरिका और तुर्की के बीच एक आम सहमति बनी थी, लेकिन तालिबान चाहता है कि तुर्की भी अपने सैनिकों को वापस बुलाये.

    विदेशी सैनिकों के लौटने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद से, अफ़ग़ानिस्तान में परिस्थितियाँ लगातार बदल रही हैं. अमेरिका का कहना है कि वो 31 अगस्त तक अपने सभी सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान से वापस बुला लेगा.